हैदराबाद, 2 मई।
तेलंगाना के कान्हा शांति वनम में शनिवार को एक अनोखा योग आयोजन देखने को मिला, जहां 6,000 से अधिक लोगों ने एक साथ ‘भुजंगासन’ कर नया इतिहास रच दिया। इस सामूहिक प्रदर्शन को एक ही समय में सबसे ज्यादा लोगों द्वारा भुजंगासन करने के रूप में Asia Book of Records में दर्ज किया गया है।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि के दौरान आयुष मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव और केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी भी मौजूद रहे और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
योग महोत्सव से शुरू हुई उलटी गिनती
यह कार्यक्रम ‘योग महोत्सव’ के तहत आयोजित किया गया, जो अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की 50 दिन की काउंटडाउन की शुरुआत का प्रतीक है। इस आयोजन का संचालन Morarji Desai National Institute of Yoga ने आयुष मंत्रालय के सहयोग से किया।
योग: परंपरा से वैश्विक आंदोलन तक
केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि योग भारत की प्राचीन विरासत होने के साथ-साथ पूरी मानवता के लिए एक अनमोल उपहार है। आज दुनिया भर में लोग योग को अपनाकर अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक स्वस्थ और अनुशासित समाज जरूरी है, और योग इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
हैदराबाद को बनेगा वेलनेस हब
रेड्डी ने कहा कि हैदराबाद, जो पहले से ही टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के लिए जाना जाता है, अब योग और समग्र स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी वैश्विक पहचान बना सकता है।
योग 365 और फ्री ट्रेनिंग का अभियान
प्रतापराव जाधव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में योग एक वैश्विक आंदोलन बन चुका है।
उन्होंने ‘योग 365’ पहल का जिक्र करते हुए कहा कि इसके तहत लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में योग अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके अलावा 21 जून तक 100 दिन का मुफ्त योग प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है, जिसमें 1 लाख से अधिक लोगों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
अगला योग महोत्सव खजुराहो में
मंत्री ने घोषणा की कि अगला ‘योग महोत्सव’ खजुराहो में आयोजित किया जाएगा, जो योग दिवस 2026 की 25 दिन की काउंटडाउन का हिस्सा होगा।
वैश्विक स्तर पर बढ़ रहा योग का प्रभाव
इस मौके पर यह भी बताया गया कि जापान के ओसाका में आयोजित ‘वर्ल्ड एक्सपो 2025’ के दौरान छह महीने तक योग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग की लोकप्रियता और बढ़ रही है।
निष्कर्ष
हैदराबाद में बना यह रिकॉर्ड न सिर्फ भारत की योग परंपरा को दुनिया के सामने मजबूत करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि योग अब एक वैश्विक स्वास्थ्य आंदोलन बन चुका है, जो लोगों को शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से मजबूत बना रहा है।

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