नई दिल्ली, 2 जुलाई 2026
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री J.P. Nadda ने दिल्ली में Dengue की रोकथाम, निगरानी और अस्पतालों की तैयारियों को लेकर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में मौसमी Vector-Borne Diseases से निपटने की रणनीति, स्वास्थ्य संस्थानों की तैयारियों और निगरानी तंत्र की समीक्षा की गई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि Dengue के संभावित प्रकोप को रोकने के लिए समय रहते प्रभावी कदम उठाना आवश्यक है और सभी संबंधित एजेंसियों को समन्वय के साथ कार्य करना चाहिए।
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रोकथाम और निगरानी पर विशेष जोर
बैठक के दौरान Dengue की वर्तमान स्थिति, Surveillance System और रोकथाम संबंधी उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। J.P. Nadda ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जाए और संभावित मामलों की समय पर पहचान सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि केवल इलाज पर नहीं, बल्कि बीमारी की रोकथाम और शुरुआती स्तर पर नियंत्रण की रणनीति पर अधिक ध्यान देना जरूरी है ताकि संक्रमण के प्रसार को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।
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अस्पतालों की तैयारियों की हुई समीक्षा
समीक्षा बैठक में अस्पतालों की तैयारियों, बेड की उपलब्धता, आवश्यक दवाओं, मेडिकल उपकरणों और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का भी आकलन किया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने निर्देश दिया कि सभी स्वास्थ्य संस्थान Dengue मरीजों के उपचार के लिए पूरी तरह तैयार रहें। इसके साथ ही नगर निकायों और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
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जनभागीदारी और जागरूकता बढ़ाने की अपील
J.P. Nadda ने कहा कि Dengue की रोकथाम केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसमें आम जनता की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों से अपने आसपास पानी जमा न होने देने, साफ-सफाई बनाए रखने और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की। बैठक में Vector Control Measures, नागरिक जागरूकता अभियान और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को और मजबूत बनाने पर भी चर्चा की गई।
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