नई दिल्ली, 6 मई।
भारत और वियतनाम ने बुधवार को द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करते हुए स्वास्थ्य और डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। संयुक्त प्रेस वार्ता के बाद जारी बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम ने कई अहम मुद्दों पर सहमति जताई।
डिजिटल पेमेंट और UPI पर फोकस
दोनों देशों ने डिजिटल तकनीक के महत्व को रेखांकित करते हुए यूपीआई आधारित भुगतान प्रणाली को आपस में जोड़ने पर जोर दिया। भारतीय रिजर्व बैंक और स्टेट बैंक ऑफ वियतनाम के बीच डिजिटल भुगतान और वित्तीय नवाचार को लेकर हुए समझौते का भी स्वागत किया गया।
साथ ही, क्यूआर कोड आधारित रिटेल पेमेंट सिस्टम को जोड़ने पर सहमति बनी, जिससे पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग होगा मजबूत
दोनों देशों ने स्वास्थ्य सेवाओं में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। 2027 से वियतनाम के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के लिए दवाओं की खरीद में भारतीय कंपनियों की संभावित भागीदारी के विकल्प तलाशने पर भी सहमति बनी।
भारत के फार्मा सेक्टर की प्रगति की सराहना करते हुए नेताओं ने संयुक्त शोध, क्षमता निर्माण और हेल्थ टेक्नोलॉजी में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
AI और डिजिटल हेल्थ पर जोर
दोनों पक्षों ने स्वास्थ्य क्षेत्र के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके साथ ही डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, 6G और उन्नत तकनीकों में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई गई।
पारंपरिक चिकित्सा और आयुर्वेद को बढ़ावा
भारत और वियतनाम ने पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने पर सहमति जताई। इस दिशा में समझौता ज्ञापन (MoU) को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया का स्वागत किया गया।
वियतनाम में आयुर्वेद के लिए अकादमिक चेयर स्थापित करने के प्रस्ताव को भी सराहा गया, जिससे ज्ञान और शोध के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा।
टेक्नोलॉजी और रिसर्च में व्यापक सहयोग
दोनों देशों ने अंतरिक्ष, बायोटेक्नोलॉजी, फार्मास्यूटिकल्स, समुद्री विज्ञान, उन्नत सामग्री और महत्वपूर्ण खनिज जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
संयुक्त शोध, अनुसंधान केंद्रों की स्थापना और उत्पाद विकास जैसे व्यावहारिक कदमों पर फोकस रहेगा, जिससे दोनों देशों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।
पर्यावरण और ऊर्जा क्षेत्र में भी साझेदारी
नेताओं ने International Solar Alliance और Coalition for Disaster Resilient Infrastructure जैसी वैश्विक पहलों के महत्व को स्वीकार किया।
भारत ने वियतनाम की Global Biofuels Alliance में शामिल होने की रुचि का स्वागत किया।
निष्कर्ष
भारत और वियतनाम के बीच यह सहयोग न केवल स्वास्थ्य और डिजिटल क्षेत्र को मजबूती देगा, बल्कि तकनीक, रिसर्च और व्यापार के जरिए दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
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