नई दिल्ली, 11 जुलाई 2026
Supreme Court ने AIIMS के Acting Director को कोर्ट के निर्देशों का सही तरीके से पालन न करने पर कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने नाराजगी जताते हुए पूछा कि जब कोर्ट ने व्यक्तिगत Explanation मांगा था तो उसकी जगह Affidavit क्यों दाखिल किया गया। यह मामला एक DNA Test से जुड़े पुराने आदेश के अनुपालन से संबंधित था। हालांकि बाद में Acting Director ने बिना शर्त माफी मांगी, जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने अवमानना की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ाई।
Explanation की जगह Affidavit दाखिल करने पर उठे सवाल
मामला उस समय सामने आया जब Supreme Court ने पहले AIIMS के Acting Director से व्यक्तिगत रूप से स्पष्टीकरण देने को कहा था। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि मांगे गए Explanation के स्थान पर फिर से Affidavit दाखिल किया गया है। इस पर पीठ ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि अदालत के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद आदेश की भावना का पालन नहीं किया गया। न्यायालय ने इसे गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को भविष्य में न्यायालय के निर्देशों का पूरी जिम्मेदारी के साथ पालन करने की सलाह दी।
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DNA Test में देरी से जुड़ा था पूरा विवाद
यह मामला एक DNA Test से संबंधित है, जिसे Supreme Court के निर्देश के बावजूद निर्धारित समय पर पूरा नहीं किया जा सका। पहले अदालत ने AIIMS प्रशासन से देरी का कारण पूछा था और बाद में Acting Director से व्यक्तिगत Explanation मांगा था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि किसी भी अधिकारी को, चाहे वह नियमित हो या Acting पद पर, अपने पद की जिम्मेदारियों से पीछे नहीं हटना चाहिए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकारी संस्थानों से न्यायिक आदेशों के पालन में अधिक जवाबदेही की अपेक्षा की जाती है।
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बिना शर्त माफी के बाद बंद हुई कार्रवाई
सुनवाई के दौरान Additional Solicitor General ने अदालत को बताया कि यह त्रुटि जानबूझकर नहीं हुई थी। इसके बाद AIIMS के Acting Director ने बिना किसी शर्त के माफी मांगते हुए भविष्य में ऐसी गलती न दोहराने का आश्वासन दिया। Supreme Court ने माफी स्वीकार करते हुए अवमानना की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ाई और मामले का निस्तारण कर दिया। साथ ही अदालत ने कहा कि भविष्य में न्यायालय के आदेशों और उनकी भाषा का पूरी गंभीरता से पालन किया जाना चाहिए।
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