सहारनपुर, 13 जून 2026
NEET UG 2025 Counselling से जुड़ा एक मामला उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रशासनिक जांच में सामने आया है कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित श्रेणी के तहत मेडिकल प्रवेश के लिए प्रस्तुत किए गए एक Certificate की वैधता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस में मामला दर्ज कराया गया है और संबंधित दस्तावेजों की प्रामाणिकता की विस्तृत पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में कई महत्वपूर्ण विसंगतियां सामने आई हैं।
दस्तावेजों की जांच में मिली अनियमितताएं
मामला उस छात्रा से जुड़ा है जिसने NEET UG Counselling के दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित कोटे के अंतर्गत आवेदन किया था। दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान संबंधित Certificate की प्रामाणिकता को लेकर संदेह उत्पन्न हुआ, जिसके बाद जिला प्रशासन ने जांच शुरू की। जांच के लिए गठित समिति ने उपलब्ध रिकॉर्ड, अभिलेखों और कार्यालयीय दस्तावेजों का मिलान किया। अधिकारियों के अनुसार प्रस्तुत Certificate का विवरण आधिकारिक रिकॉर्ड में नहीं मिला, जिसके बाद मामले को गंभीरता से लिया गया।
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प्रशासनिक रिपोर्ट के बाद दर्ज हुई FIR
जांच पूरी होने के बाद समिति ने अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी। रिपोर्ट में दस्तावेजों से संबंधित कई बिंदुओं पर आपत्ति दर्ज की गई, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की संस्तुति की गई। इसके बाद संबंधित अधिकारियों की ओर से पुलिस को शिकायत भेजी गई और मामला दर्ज किया गया। प्रशासन का कहना है कि जांच का उद्देश्य केवल दस्तावेजों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना है और आगे की कानूनी कार्रवाई जांच में प्राप्त तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया भी जांच के दायरे में
मामले के सामने आने के बाद संबंधित मेडिकल सीट के आवंटन और Counselling प्रक्रिया की भी समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार यह जांच की जा रही है कि दस्तावेजों का सत्यापन किस स्तर पर हुआ और प्रवेश प्रक्रिया के दौरान सभी आवश्यक नियमों का पालन किया गया था या नहीं। संबंधित संस्थानों से भी जानकारी मांगी गई है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि यदि किसी स्तर पर नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
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आरक्षण श्रेणियों में Verification की अहमियत पर चर्चा
इस मामले ने एक बार फिर पेशेवर पाठ्यक्रमों में प्रवेश के दौरान दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया की अहमियत को रेखांकित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आरक्षण या विशेष श्रेणियों से जुड़े मामलों में रिकॉर्ड की सटीक जांच अत्यंत आवश्यक होती है, ताकि पात्र अभ्यर्थियों को ही लाभ मिल सके। प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा। फिलहाल संबंधित एजेंसियां उपलब्ध दस्तावेजों और रिकॉर्ड की गहन जांच में जुटी हुई हैं।
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