Saharanpur में HIV संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों ने चिंता बढ़ाई है। एसबीडी जिला अस्पताल के ART Centre में करीब 2500 HIV संक्रमित मरीज इलाज करा रहे हैं। मरीजों की नियमित काउंसिलिंग के दौरान 40 से 45 मामलों में पुरुषों के बीच यौन संपर्क के दौरान HIV संक्रमण की जानकारी सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में हर साल करीब 200 से 250 नए HIV संक्रमित मरीज सामने आ रहे हैं। इनमें पुरुषों और महिलाओं के साथ बच्चे और ट्रांसजेंडर लोग भी शामिल हैं।
काउंसिलिंग में सामने आए मामले
ART Centre में HIV संक्रमित मरीजों की नियमित काउंसिलिंग की जाती है। इस दौरान मरीजों से संक्रमण के संभावित कारणों और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली जाती है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार काउंसिलिंग में सामने आए 40-45 मामलों में अधिकांश मरीजों की उम्र 20 से 40 वर्ष के बीच है। इनमें युवा और कामकाजी लोगों के साथ अलग-अलग पेशों से जुड़े लोग भी शामिल हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि HIV संक्रमण को किसी व्यक्ति की यौन पहचान से जोड़ना उचित नहीं है। असुरक्षित यौन संपर्क HIV संक्रमण के प्रमुख माध्यमों में से एक हो सकता है, इसलिए सुरक्षित व्यवहार और समय पर जांच को लेकर जागरूकता जरूरी है।
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हर साल 200-250 नए मरीज
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक Saharanpur में हर साल करीब 200 से 250 नए HIV संक्रमित मरीज सामने आ रहे हैं। इन मामलों में अलग-अलग आयु वर्ग के लोग शामिल हैं। विभाग का कहना है कि HIV को लेकर जागरूकता की कमी अब भी एक चुनौती है। संक्रमण से बचाव के लिए सुरक्षित यौन व्यवहार, समय पर HIV जांच और संक्रमण की पुष्टि होने पर नियमित उपचार से जुड़े रहना महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य विभाग मरीजों को काउंसिलिंग के जरिए उपचार और बचाव से संबंधित जानकारी भी उपलब्ध करा रहा है।
सात केंद्रों पर जांच और इलाज
Saharanpur जिले में HIV की जांच और उपचार के लिए सात केंद्रों पर सुविधाएं उपलब्ध हैं। इनमें एसबीडी जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, राजकीय मेडिकल कॉलेज, गंगोह CHC, फतेहपुर CHC, नानौता CHC और देवबंद CHC शामिल हैं। इन केंद्रों पर HIV जांच, काउंसिलिंग और आवश्यक दवाओं की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मरीजों को निशुल्क इलाज दिया जाता है और उनकी पहचान गोपनीय रखी जाती है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सर्वेश कुमार सिंह के अनुसार HIV संक्रमित मरीजों की काउंसिलिंग के साथ उन्हें उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
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समय पर जांच और इलाज पर जोर
स्वास्थ्य विभाग का जोर HIV संक्रमण की रोकथाम, समय पर जांच और संक्रमित मरीजों को नियमित उपचार से जोड़ने पर है। विशेषज्ञों के अनुसार HIV के साथ सामान्य जीवन संभव है, लेकिन इसके लिए समय पर जांच, चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उपचार और संक्रमण से बचाव के उपायों का पालन जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से काउंसिलिंग के माध्यम से मरीजों को उपचार जारी रखने और संक्रमण से संबंधित आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी जाती है। ऐसे में HIV को लेकर सही जानकारी और समय पर स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच संक्रमण के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
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दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
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