उत्तर प्रदेश में नकली और Counterfeit दवाओं के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) का प्रदेशव्यापी अभियान जारी है। इस कार्रवाई में Lucknow, Agra, Varanasi और Gonda से अब तक करीब 5.43 करोड़ रुपये की अवैध औषधियां जब्त की गई हैं। जांच में फर्जी बिलिंग, बिना लाइसेंस दवा कारोबार, री-लेबलिंग और अंतरराज्यीय सप्लाई नेटवर्क से जुड़े कई मामलों का खुलासा हुआ है। सबसे बड़ी बरामदगी आगरा से हुई, जहां करीब 3.63 करोड़ रुपये की अवैध औषधियां जब्त की गईं। लखनऊ में भी एक संगठित नेटवर्क के जरिए नकली दवाओं को बाजार में खपाने की जांच सामने आई है।
Lucknow में फर्जी बिलिंग का नेटवर्क
Lucknow के अमीनाबाद में FSDA की कार्रवाई के दौरान नकली और Counterfeit दवाओं की सप्लाई से जुड़े एक संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ। जांच के अनुसार मेसर्स हेल्थ प्लस, एम.के. फार्मा, राम फार्मा और पेशेंट केयर सर्जिकल हाउस, Saharanpur से जुड़े कारोबार में फर्जी बिलिंग के जरिए दवाओं की खरीद-बिक्री दिखाई जा रही थी। हेल्थ प्लस को मई 2025 में लाइसेंस मिला था, जबकि जांच में अप्रैल 2025 से ही अवैध क्रय-विक्रय दिखाए जाने की बात सामने आई। निर्माता कंपनियों ने कुछ दवाओं को नकली बताया, जबकि बड़ी संख्या में टैबलेट के स्रोत का सत्यापन भी नहीं हो सका। चारों फर्मों के खिलाफ 12 अगस्त को अमीनाबाद थाने में BNS की विभिन्न धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई।
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अवैध फैक्ट्री से 2 करोड़ की दवाएं बरामद
Lucknow में मिले सुरागों की जांच के दौरान FSDA उत्तर प्रदेश, गाजियाबाद Crime Branch और उत्तराखंड औषधि विभाग की संयुक्त टीम एक अवैध दवा निर्माण इकाई तक पहुंची। यहां नामी कंपनियों के जीवनरक्षक उत्पादों की नकली कॉपी तैयार किए जाने का आरोप सामने आया। कार्रवाई के दौरान Tablet और Capsule बनाने वाली मशीनें, Blister Packing Unit, Overprinting Machine और ब्रांडेड कंपनियों जैसी दिखने वाली पैकिंग सामग्री बरामद हुई। मौके से करीब 2 करोड़ रुपये की दवाएं, मशीनें और अन्य सामग्री जब्त की गई। इसके अलावा जुलाई में Lucknow के अलग-अलग इलाकों से भी लाखों रुपये की नकली दवाएं बरामद हुई थीं। विभाग के अनुसार Lucknow में अब तक करीब 41.58 लाख रुपये की अवैध दवाएं जब्त की गई हैं और 32 लोगों के खिलाफ 7 FIR दर्ज हुई हैं, जिनमें 2 गिरफ्तारियां शामिल हैं।
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आगरा में सबसे बड़ी बरामदगी
अभियान के दौरान Agra में 3.63 करोड़ रुपये, गोंडा में 1.13 करोड़ रुपये और वाराणसी में 25 लाख रुपये की अवैध औषधियां बरामद की गईं। Agra में जांच के दौरान नकली दवाओं की बिक्री, फर्जी लेबलिंग और फर्जी बिलिंग से जुड़े कई मामले सामने आए। कुछ स्थानों पर इंसुलिन पर फर्जी लेबल और मनमानी MRP से बिक्री के प्रमाण मिले, जबकि अन्य मामलों में बड़ी रकम की फर्जी बिलिंग सामने आई। वाराणसी के मडुवाडीह क्षेत्र में एक सर्जिकल दुकान से करीब 25 लाख रुपये की अवैध एलोपैथिक दवाएं जब्त की गईं और दुकान संचालक को गिरफ्तार किया गया। गोंडा में नशीली दवाओं, इंजेक्शन और सिरप का करीब 1.13 करोड़ रुपये का जखीरा मिला। विभाग ने बताया कि नकली दवाओं के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
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दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
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