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NEET 2026 OMR विवाद: Delhi HC में Centre ने Tampering के आरोपों पर क्या कहा?

खबर का सार

NEET 2026 OMR विवाद पर Centre ने Delhi High Court में कहा कि Re-Test की किसी भी OMR Sheet से छेड़छाड़ नहीं हुई। Court ने PIL को वापस लेने की अनुमति दी और व्यक्तिगत शिकायतों के लिए अलग याचिका का रास्ता खुला रखा।

NEET
नई दिल्ली, 21 अगस्त 2026 NEET-UG 2026 के Re-Test की OMR Sheets में कथित छेड़छाड़ के आरोपों को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। Centre की ओर से Solicitor General Tushar Mehta ने अदालत के सामने कहा कि Re-Test में किसी भी उम्मीदवार की OMR Sheet के साथ Tampering नहीं हुई है। उन्होंने आरोपों को लेकर बिना पर्याप्त आधार के बड़े स्तर पर Tampering की बात किए जाने पर आपत्ति जताई। मामला दो NEET-UG उम्मीदवारों की ओर से दायर PIL से जुड़ा था, जिसमें OMR से संबंधित शिकायतों के अलावा Dropped Questions के लिए अतिरिक्त अंक और National Testing Agency (NTA) को समाप्त करने जैसी मांगें भी की गई थीं।

Centre ने OMR Tampering से किया इनकार

सुनवाई के दौरान Solicitor General Tushar Mehta ने Centre और NTA की ओर से OMR Tampering के आरोपों को स्पष्ट रूप से खारिज किया। उनका कहना था कि किसी भी OMR Sheet में छेड़छाड़ नहीं हुई है। उनके अनुसार संबंधित उम्मीदवार की शिकायत उसके Question Paper पर किए गए Rough Work और OMR Sheet पर दर्ज उत्तर के बीच कथित अंतर से जुड़ी प्रतीत होती है, जिसे सीधे OMR में Manipulation नहीं माना जा सकता। Centre ने अदालत के समक्ष यह भी कहा कि इस तरह के आरोपों को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने से एक अलग Narrative बन सकता है।

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PIL में OMR के साथ कई मांगें शामिल

यह PIL दो NEET-UG उम्मीदवारों ने दाखिल की थी। याचिका में कथित OMR अनियमितताओं की जांच के लिए Expert Committee गठित करने की मांग की गई थी। इसके साथ ही Dropped Questions के लिए याचिकाकर्ताओं और कथित रूप से प्रभावित अन्य उम्मीदवारों को अतिरिक्त अंक देने तथा NTA को समाप्त करने जैसी मांगें भी रखी गई थीं। याचिकाकर्ताओं के वकील ने अदालत में कहा कि OMR से जुड़ी शिकायतों और Dropped Questions के कारण बड़ी संख्या में उम्मीदवार प्रभावित हुए हैं, लेकिन केवल दो उम्मीदवार ही अदालत पहुंचे हैं।

Delhi HC ने PIL पर नहीं की विस्तृत सुनवाई

दिल्ली हाईकोर्ट की Chief Justice D K Upadhyaya और Justice Tejas Karia की Bench ने PIL को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने कहा कि याचिका में एक तरफ याचिकाकर्ताओं को व्यक्तिगत राहत देने की मांग की गई थी और दूसरी तरफ सभी NEET उम्मीदवारों से संबंधित व्यापक राहत मांगी गई थी। कोर्ट के अनुसार इस तरह की मिश्रित मांगों वाली Writ Petition को PIL के रूप में entertain नहीं किया जा सकता। इसके बाद याचिका को withdrawn मानते हुए समाप्त कर दिया गया। हालांकि, एक याचिकाकर्ता को public examinations में institutional reforms से संबंधित अलग PIL दाखिल करने की स्वतंत्रता दी गई, जबकि दूसरे उम्मीदवार को अपनी OMR Tampering की शिकायत को लेकर अलग याचिका दाखिल करने की अनुमति दी गई।

NEET OMR विवाद पहले भी पहुंच चुका है Court

NEET-UG 2026 की OMR Sheets को लेकर इससे पहले भी उम्मीदवार अदालतों का रुख कर चुके हैं। अगस्त की शुरुआत में Supreme Court ने छह NEET-UG उम्मीदवारों की OMR से संबंधित याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए उन्हें Delhi High Court जाने की स्वतंत्रता दी थी। उम्मीदवारों ने दावा किया था कि NTA की ओर से उपलब्ध कराई गई OMR Copies और परीक्षा में उनके द्वारा चिह्नित उत्तरों के बीच अंतर है। Supreme Court ने कहा था कि Re-Examination हो चुका है और NTA के institutionalisation से जुड़ा मामला अलग स्तर पर विचाराधीन है।

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दीपक अरोड़ा

पत्रकार (BAJMC ,LLB ) सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।