इटानगर, 9 मई।
अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल केटी परनाइक ने राज्य में तेजी से बढ़ रही जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा, तनाव संबंधी विकार और हृदय रोग जैसी समस्याएं अब सभी आयु वर्ग के लोगों को प्रभावित कर रही हैं, जो स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं।
राजभवन के अधिकारियों के अनुसार, अखिल भारतीय आयुर्वेद विज्ञान संस्थान (एम्स) गुवाहाटी के अध्यक्ष और प्रसिद्ध अस्थि शल्य चिकित्सक पद्म श्री डॉ. भूपेंद्र कुमार सिंह संजय ने इटानगर स्थित लोक भवन में राज्यपाल से मुलाकात की। इस दौरान पूर्वोत्तर क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की बदलती स्थिति और अरुणाचल प्रदेश की विशेष स्वास्थ्य चुनौतियों एवं संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में राज्यपाल परनाइक ने निवारक स्वास्थ्य सेवाओं के महत्व पर जोर देते हुए एम्स गुवाहाटी से पूर्वोत्तर की सामाजिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विशेष अध्ययन और अनुसंधान शुरू करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र विशेष में बीमारियों के कारणों की पहचान कर व्यावहारिक समाधान विकसित करना समय की आवश्यकता है।
राज्यपाल ने आधुनिक तकनीक और उन्नत चिकित्सा अनुसंधान को राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली में शामिल करने की जरूरत पर भी बल दिया। उन्होंने एम्स गुवाहाटी से अरुणाचल प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा संस्थानों के साथ नवीनतम चिकित्सा तकनीकों, शोध निष्कर्षों और बेहतर उपचार पद्धतियों को साझा करने का अनुरोध किया, ताकि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत किया जा सके।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं के आधुनिकीकरण से न केवल रोगों की समय पर पहचान संभव होगी, बल्कि मरीजों को बेहतर उपचार और देखभाल भी मिल सकेगी।
इस अवसर पर डॉ. भूपेंद्र कुमार सिंह संजय ने राज्यपाल को भरोसा दिलाया कि एम्स गुवाहाटी, टोमो रिबा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विज्ञान संस्थान और अरुणाचल प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के साथ मिलकर सहयोग को और मजबूत करेगा। उन्होंने क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए हर संभव तकनीकी और संस्थागत सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।
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