नई दिल्ली, 5 मई।
देश की प्रमुख बायोफार्मा कंपनी Biocon की संस्थापक किरण मजूमदार-शॉ ने अपने उत्तराधिकार को लेकर बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने अपनी भतीजी क्लेयर मजूमदार को अपना उत्तराधिकारी नामित किया है। यह पहला मौका है जब उन्होंने सार्वजनिक रूप से किसी व्यक्ति को इस भूमिका के लिए चुना है।
मंगलवार को सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, 73 वर्षीय किरण मजूमदार-शॉ ने एक इंटरव्यू में साफ तौर पर कहा कि वह बायोकॉन को भविष्य में आगे बढ़ाने के लिए क्लेयर को सही विकल्प मानती हैं।
उन्होंने कहा कि कंपनी का स्वामित्व पूरी तरह उनके पास है और ऐसे में यह उनकी जिम्मेदारी है कि वह इसे सही हाथों में सौंपें। उनके शब्दों में, “मुझे लगता है कि क्लेयर ने यह साबित कर दिया है कि वह एक कंपनी को सफलतापूर्वक चला सकती हैं, इसलिए मैंने उन्हें अपना उत्तराधिकारी चुना है।”
क्लेयर मजूमदार का प्रोफाइल
क्लेयर मजूमदार इस समय Bikara Therapeutics की संस्थापक और सीईओ हैं, जो नैस्डैक में सूचीबद्ध कंपनी है और जिसे बायोकॉन का समर्थन प्राप्त है।
उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी बेहद मजबूत है। उन्होंने Massachusetts Institute of Technology से बायोलॉजिकल इंजीनियरिंग में डिग्री, Stanford Graduate School of Business से एमबीए और Stanford School of Medicine से कैंसर बायोलॉजी में पीएचडी की है।
परिवार की भी अहम भूमिका
किरण मजूमदार-शॉ ने यह भी संकेत दिया कि कंपनी के भविष्य में परिवार के अन्य सदस्य भी योगदान दे सकते हैं।
इसमें क्लेयर के भाई एरिक मजूमदार शामिल हैं, जो California Institute of Technology में प्रोफेसर और एआई विशेषज्ञ हैं। वहीं, उनके पति थॉमस रॉबर्ट्स Massachusetts General Hospital में ऑन्कोलॉजिस्ट के रूप में कार्यरत हैं।
कंपनी में चल रहा बड़ा बदलाव
रिपोर्ट के मुताबिक, बायोकॉन इस समय एक व्यापक संगठनात्मक पुनर्गठन के दौर से गुजर रही है। कंपनी ने अपने जेनेरिक और बायोलॉजिक्स कारोबार का विलय कर दिया है, जिससे उसकी संरचना अधिक सरल हो गई है और कर्ज भी कम हुआ है।
किरण मजूमदार-शॉ ने बताया कि कंपनी अब बायोसिमिलर्स पर खास ध्यान दे रही है, जो उसके राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। कई उत्पाद पहले से बाजार में उपलब्ध हैं, जबकि कई नए उत्पाद पाइपलाइन में हैं।
नेतृत्व में बदलाव
कंपनी समूह में नेतृत्व स्तर पर भी बदलाव देखने को मिल रहे हैं। श्रीहास तांबे ने बायोकॉन बायोलॉजिक्स के सीईओ और प्रबंध निदेशक का पद संभाल लिया है। वहीं, सिद्धार्थ मित्तल 1 जुलाई से Syngene International का नेतृत्व करेंगे।
शेयर बाजार में हलचल
इस खबर के बीच मंगलवार को बीएसई पर बायोकॉन के शेयर में भी हल्की तेजी देखने को मिली। कंपनी का शेयर 1 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 365.55 रुपये पर कारोबार करता नजर आया।
निष्कर्ष
किरण मजूमदार-शॉ का यह फैसला न सिर्फ कंपनी के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, बल्कि यह भी दिखाता है कि बायोकॉन अब एक नए नेतृत्व के साथ आगे बढ़ने की तैयारी कर रही है।
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