मिठाई और मीठी चीजों का सेवन कम करने के बावजूद अगर Blood Sugar लगातार बढ़ा हुआ रहता है, तो इसकी वजह केवल चीनी का सेवन नहीं हो सकती। भोजन में मौजूद अलग-अलग पोषक तत्व पाचन, ग्लूकोज के अवशोषण और शरीर की इंसुलिन के प्रति प्रतिक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं। मेटाबॉलिक मेडिसिन और डायबिटीज रिवर्सल विशेषज्ञ डॉ. गगनदीप सिंह के अनुसार Protein, Fibre, Omega-3, Magnesium और Iron की शरीर में अलग-अलग भूमिका है। हालांकि, इनमें से कोई भी पोषक तत्व अकेले मधुमेह का इलाज नहीं है और इन्हें दवाओं या चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
Protein से मिल सकता है फायदा
भोजन में Protein शामिल करने से खाने के बाद ग्लूकोज बढ़ने की गति को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। डॉक्टर के अनुसार कार्बोहाइड्रेट वाले भोजन से पहले या उसके साथ पर्याप्त Protein लेने से पाचन की गति धीमी हो सकती है और भोजन के बाद ग्लूकोज में होने वाली अचानक बढ़ोतरी कुछ कम हो सकती है। अंडे, पनीर, चिकन और मछली इसके स्रोत हो सकते हैं। विशेषज्ञ ने बताया कि एक ही चावल आधारित भोजन का ग्लूकोज प्रभाव अलग हो सकता है, अगर उसमें पर्याप्त Protein शामिल किया जाए। इसलिए Blood Sugar को नियंत्रित रखने की कोशिश में केवल मिठाई कम करना ही नहीं, बल्कि पूरे भोजन की संरचना पर ध्यान देना भी जरूरी है।
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Fibre और Healthy Fats भी जरूरी
Fibre पाचन के दौरान ग्लूकोज के अवशोषण को धीमा करने में मदद कर सकता है। विशेष रूप से घुलनशील Fibre पाचन तंत्र में भोजन की गति को प्रभावित करता है। फल और सब्जियां इसके अच्छे स्रोत हैं, लेकिन विशेषज्ञ ने पूरे फल को जूस की तुलना में बेहतर विकल्प बताया है, क्योंकि पूरे फल में Fibre बना रहता है। इसके अलावा Omega-3 युक्त Healthy Fats भी संतुलित भोजन का हिस्सा हो सकते हैं। वसायुक्त मछली और अखरोट इसके स्रोत हैं। Omega-3 को सीधे Blood Sugar कम करने वाला पोषक तत्व नहीं माना जाना चाहिए, लेकिन यह इंसुलिन प्रतिरोध से जुड़ी सूजन को प्रभावित करने वाली स्वस्थ भोजन शैली का हिस्सा हो सकता है।
Magnesium और Iron की अलग भूमिका
Magnesium शरीर में ग्लूकोज के चयापचय से जुड़ी कई प्रक्रियाओं में भूमिका निभाता है। हरी पत्तेदार सब्जियां, मेवे, बीज और मछली इसके खाद्य स्रोत हैं। हालांकि, केवल Blood Sugar बढ़ा होने के आधार पर Magnesium की गोली शुरू करने की सलाह नहीं दी गई है। वहीं Iron इस सूची में अलग भूमिका निभाता है। यह सीधे ग्लूकोज कम नहीं करता, लेकिन Iron की कमी HbA1c की रीडिंग को प्रभावित कर सकती है और कुछ मामलों में इसे वास्तविक स्थिति से अधिक दिखा सकती है। इसलिए Iron की कमी की जांच और पुष्टि के बाद ही चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उपचार किया जाना चाहिए।
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एक Nutrient नहीं, पूरी Diet पर दें ध्यान
विशेषज्ञ के अनुसार किसी एक Nutrient को Blood Sugar के इलाज के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। भोजन संबंधी बदलाव मधुमेह प्रबंधन में सहायक हो सकते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की ओर से दी गई दवाएं, उचित मात्रा में भोजन, शारीरिक गतिविधि और वजन प्रबंधन भी महत्वपूर्ण रहते हैं। रोजमर्रा में कुछ छोटे बदलाव किए जा सकते हैं, जैसे नाश्ते में Protein शामिल करना, जूस के बजाय पूरा फल खाना, अधिक सब्जियां लेना और Refined Carbohydrates की जगह Fibre वाले विकल्प चुनना। विशेषज्ञ ने Supplement लेने के बजाय पहले भोजन से पोषक तत्व प्राप्त करने पर जोर दिया है और किसी कमी की पुष्टि होने पर ही चिकित्सकीय सलाह से Supplement लेने की बात कही है।
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दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
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