हम अक्सर खाली बैठने या बिना कोई काम किए आराम करने को समय की बर्बादी मानते हैं, लेकिन नया शोध इस धारणा को चुनौती देता है। अध्ययनों के अनुसार सीखने या नई जानकारी हासिल करने के बाद कुछ समय का शांत और बिना किसी सक्रिय काम वाला आराम Memory Consolidation (यादों को पक्का करने) में मदद कर सकता है। यानी पढ़ाई या किसी नई चीज को सीखने के तुरंत बाद थोड़ी देर शांत बैठना दिमाग को उस जानकारी को व्यवस्थित करने और याददाश्त में मजबूत तरीके से दर्ज करने में मदद कर सकता है। शोध में यह भी संकेत मिला है कि इसके लिए हर बार सोना जरूरी नहीं है, क्योंकि Wakeful Rest (जागते हुए शांत आराम) के दौरान भी दिमाग में यादों को मजबूत करने की प्रक्रिया सक्रिय रह सकती है।
शांत आराम से Memory Consolidation में मदद
शोध के अनुसार सीखने के बाद थोड़े समय का Wakeful Rest उन लोगों की Memory को बेहतर कर सकता है, जिनकी तुलना ऐसे लोगों से की गई जो इसी अवधि में किसी अन्य मानसिक या शारीरिक गतिविधि में व्यस्त रहे। एक अध्ययन में सीखने के बाद करीब 15 मिनट आंखें बंद करके आराम करने से Procedural और Declarative Memory में सुधार देखा गया। इसके अलावा सीखने के बाद का आराम स्थान और समय से जुड़ी जानकारी को बेहतर याद रखने, जटिल समस्याओं को समझने में नई सूझ हासिल करने और सुनने से जुड़ी सीखने की क्षमता में सुधार से भी जोड़ा गया है। कुछ मामलों में इस Memory Benefit का प्रभाव एक सप्ताह या उससे अधिक समय तक बना रहने की बात भी सामने आई है।
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दिमाग आराम के दौरान भी करता है काम
वैज्ञानिकों के अनुसार सीखने के बाद Memory Consolidation की प्रक्रिया शुरू होती है। इस दौरान नई जानकारी से बनी Memory धीरे-धीरे स्थिर होती है और दिमाग में व्यवस्थित की जाती है। नींद के दौरान होने वाली इस प्रक्रिया पर लंबे समय से शोध होता रहा है, लेकिन अब यह समझ बढ़ रही है कि Wakeful Rest के दौरान भी कुछ समान प्रक्रियाएं सक्रिय हो सकती हैं। शोध में पाया गया कि सीखने के बाद शांत अवस्था में Hippocampus में पहले सीखी गई जानकारी से जुड़े Activity Patterns दोबारा दिखाई दे सकते हैं। यह प्रक्रिया बाद में Memory Performance से जुड़ी पाई गई है। इस तरह Wakeful Rest को दिमाग के लिए पूरी तरह निष्क्रिय अवस्था नहीं माना जा रहा है।
दिन के छोटे ब्रेक भी हो सकते हैं उपयोगी
विशेषज्ञों के अनुसार रोजमर्रा की जिंदगी में लंबे समय तक पूरी तरह खाली बैठना मुश्किल होता है, लेकिन दिनभर की गतिविधियों के बीच मिलने वाले छोटे-छोटे विश्राम भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। अध्ययनों में कुछ सेकंड के छोटे विश्राम के दौरान भी Memory से संबंधित Brain Activity देखी गई है, जो बाद के प्रदर्शन से जुड़ी थी। इसका मतलब यह नहीं है कि पढ़ाई के बाद केवल आराम करना ही पर्याप्त है, बल्कि यह संकेत देता है कि लगातार मानसिक गतिविधियों के बीच छोटे शांत ब्रेक दिमाग को नई जानकारी को व्यवस्थित करने का अवसर दे सकते हैं। Wakeful Rest के दौरान कम ध्यान और मानसिक दबाव दिमाग को बाहरी जानकारी से हटकर अंदरूनी प्रक्रियाओं पर ध्यान देने का अवसर दे सकती है।
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Wakeful Rest को लेकर क्या समझ आया?
शोध में वैज्ञानिकों ने यह भी जांचा कि क्या आराम के दौरान लोग केवल मन ही मन पढ़ी गई चीजों को दोहराने के कारण बेहतर याद रखते हैं। लेकिन ऐसी सामग्रियों के साथ भी Memory Benefit देखा गया जिन्हें आसानी से दोहराया नहीं जा सकता था। इससे संकेत मिलता है कि इसका प्रभाव केवल जानबूझकर जानकारी दोहराने तक सीमित नहीं है। शोधकर्ताओं के अनुसार Memory Reactivation और Synaptic Plasticity जैसी प्रक्रियाएं इसमें भूमिका निभा सकती हैं। हालांकि, इन निष्कर्षों को रोजमर्रा की जिंदगी के लिए किसी निश्चित Medical Treatment या सलाह के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उपलब्ध प्रमाण मुख्य रूप से Memory और Learning से जुड़े प्रयोगों पर आधारित है और Wakeful Rest के प्रभावों को समझने के लिए आगे भी शोध की जरूरत है।
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दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
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