बिना किसी स्पष्ट वजह के बार-बार नाक या मसूड़ों से खून आना सामान्य समस्या मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। प्रसिद्ध मेडिकल संस्थान मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, यह Acute Myelogenous Leukemia (AML) जैसे Blood Cancer का एक प्रमुख संकेत हो सकता है। Acute Myelogenous Leukemia एक प्रकार का Blood Cancer है, जो Bone Marrow में विकसित होता है और इसमें असामान्य रक्त कोशिकाएं तेजी से बनने लगती हैं। इसके कारण स्वस्थ रक्त कोशिकाओं और Platelets का निर्माण प्रभावित होता है, जिससे शरीर में Bleeding, कमजोरी और संक्रमण जैसी गंभीर समस्याएं सामने आ सकती हैं।
क्या है Acute Myelogenous Leukemia?
Acute Myelogenous Leukemia यानी AML एक प्रकार का Blood Cancer है, जो Bone Marrow से शुरू होता है। Bone Marrow शरीर में Red Blood Cells (RBCs), White Blood Cells (WBCs) और Platelets बनाने का काम करता है। Acute Myelogenous Leukemia में Bone Marrow असामान्य और अधूरी White Blood Cells को तेजी से बनाने लगता है। ये असामान्य कोशिकाएं स्वस्थ रक्त कोशिकाओं के लिए उपलब्ध जगह को कम कर सकती हैं और शरीर की सामान्य रक्त निर्माण प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। ‘Acute’ का अर्थ है कि यह बीमारी तेजी से बढ़ सकती है, इसलिए संभावित संकेतों को समय रहते पहचानना और डॉक्टरी जांच कराना महत्वपूर्ण है।
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Bleeding क्यों हो सकती है?
Acute Myelogenous Leukemia में Bone Marrow के प्रभावित होने के कारण शरीर में स्वस्थ Platelets की संख्या कम हो सकती है। Platelets रक्त का थक्का बनाने और Bleeding को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनकी कमी होने पर बिना किसी बड़ी चोट के भी नाक या मसूड़ों से खून आने जैसी समस्या हो सकती है। त्वचा पर आसानी से Bruising यानी नील पड़ना या छोटे लाल-बैंगनी निशान भी दिखाई दे सकते हैं। यदि किसी व्यक्ति को बार-बार बिना स्पष्ट कारण Bleeding हो रही है या मामूली चोट के बाद अत्यधिक खून निकल रहा है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।
AML के अन्य संकेत
Acute Myelogenous Leukemia में Bleeding के अलावा लगातार थकान और कमजोरी, बार-बार बुखार या संक्रमण, त्वचा पर नील पड़ना (Bruising), हड्डियों या जोड़ों में दर्द, वजन कम होना और भूख कम लगना जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। हालांकि, इनमें से कई लक्षण दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं में भी देखे जा सकते हैं। इसलिए केवल किसी एक लक्षण के आधार पर Acute Myelogenous Leukemia की पुष्टि नहीं की जा सकती। डॉक्टर लक्षणों और स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर आवश्यक Blood Tests तथा अन्य जांच की सलाह दे सकते हैं। लगातार या बार-बार दिखाई देने वाले लक्षणों की स्थिति में Physician या Hematologist से संपर्क करना उचित है।
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क्यों होता है AML और कब लें डॉक्टर की सलाह?
Acute Myelogenous Leukemia का कोई एक निश्चित कारण नहीं माना जाता। यह Bone Marrow की कोशिकाओं के DNA में होने वाले बदलाव यानी Mutation से जुड़ा हो सकता है। कुछ जोखिम कारकों (Risk Factors) में अधिक उम्र, तंबाकू के धुएं के संपर्क, कुछ रसायनों (Chemicals) और विकिरण (Radiation) का संपर्क तथा पहले कुछ प्रकार के Cancer का उपचार शामिल हो सकते हैं। हालांकि, जोखिम कारक मौजूद होने का अर्थ यह नहीं है कि व्यक्ति को Acute Myelogenous Leukemia जरूर होगा। यदि बिना वजह बार-बार नाक या मसूड़ों से Bleeding हो, शरीर पर आसानी से नील पड़ें, लगातार कमजोरी या बुखार बना रहे, तो डॉक्टर से सलाह लेकर जांच कराना जरूरी है। यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है और चिकित्सीय जांच का विकल्प नहीं है।
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दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
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