Smartwatches आज लोगों के लिए Heart Health और Fitness पर नजर रखने का एक लोकप्रिय माध्यम बन गई हैं। हालांकि, Ireland के Cork स्थित Consultant Cardiologist Dr Paul Hill ने इन Devices की सीमाओं को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी है। उनके मुताबिक Smartwatches Heart Rate, Fitness Metrics और कुछ Irregular Heart Rhythms की जानकारी देकर संभावित समस्या का संकेत दे सकती हैं, लेकिन इनके Data के आधार पर किसी बीमारी का Diagnosis नहीं किया जा सकता। उन्होंने लोगों को Smartwatches से मिलने वाली जानकारी को सही संदर्भ में समझने और जरूरत पड़ने पर Professional Medical Assessment लेने की सलाह दी है।
Smartwatches दे सकती हैं Warning
Dr Paul Hill के अनुसार Smartwatches ने लोगों के Health Monitoring के तरीके में बदलाव किया है। कई मरीज अब अपने Devices से मिले Heart Rate या Fitness Data के आधार पर डॉक्टरों से पहले ही सवाल पूछते हैं और संभावित समस्याओं के लिए जल्दी Medical Advice लेते हैं। उन्होंने बताया कि Wearable Technology ने कुछ मामलों में Heart Rhythm Problems, जिसमें Atrial Fibrillation भी शामिल है, की पहचान में मदद की है। हालांकि, किसी Alert को सीधे बीमारी का प्रमाण नहीं माना जा सकता। Smartwatches संभावित समस्या की ओर ध्यान आकर्षित कर सकती हैं, लेकिन अंतिम Medical Assessment के लिए डॉक्टर की जांच जरूरी रहती है।
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हर Alert का मतलब बीमारी नहीं
Cardiologist ने Smartwatches से मिलने वाले Health Data को लेकर लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। उनके मुताबिक Low Resting Heart Rate या Heart Rate में अचानक बदलाव देखकर कुछ लोग अनावश्यक चिंता करने लगते हैं। किसी व्यक्ति की उम्र, Fitness Level, Medical History और रोजमर्रा की Physical Activity जैसे कई Factors को ध्यान में रखकर Data को समझना जरूरी है। उन्होंने एक Sports Player का उदाहरण भी दिया, जिसकी Smartwatch ने Exercise खत्म होने के काफी समय बाद भी असामान्य रूप से High Heart Rate दिखाया था। इस Alert के बाद उसकी Medical Examination जल्दी हो सकी।
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Fitness का मतलब हमेशा Healthy Heart नहीं
Dr Hill ने यह भी बताया कि Fitness और Heart Health के बीच संबंध हमेशा सीधा नहीं होता। नियमित रूप से Intensive Training करने वाले Elite Athletes में Resting Heart Rate काफी कम हो सकता है, जो उनकी Training का परिणाम हो सकता है। लेकिन केवल कम Heart Rate को बेहतर Heart Health का प्रमाण नहीं माना जा सकता। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि लंबे समय तक Endurance Sports करने वाले कुछ लोगों में विशेष प्रकार की Heart Rhythm Problems हो सकती हैं। इसलिए Smartwatches के Metrics को अकेले देखकर निष्कर्ष निकालने के बजाय व्यक्ति की पूरी Medical स्थिति को ध्यान में रखना जरूरी है।
Doctor की सलाह क्यों जरूरी?
Dr Hill Smartwatches के इस्तेमाल को पूरी तरह नकारने के बजाय इनके संतुलित उपयोग पर जोर देते हैं। उनके अनुसार ये Devices लोगों को Physical Activity के प्रति अधिक जागरूक बनाने और जरूरत पड़ने पर Medical Consultation लेने के लिए प्रेरित कर सकती हैं। हालांकि, लगातार Performance Metrics को Track करने की आदत कभी-कभी Exercise के आनंद को कम कर सकती है। उन्होंने Online Health Information, Diets और Supplements को लेकर भी लोगों से Scientific Evidence और Marketing Claims के बीच अंतर समझने की अपील की। उनका कहना है कि Smartwatches उपयोगी Data दे सकती हैं, लेकिन वे Professional Medical Assessment का विकल्प नहीं हैं।
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दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
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