उत्तर प्रदेश, 20 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के ललियाना गांव में Rabies Infection से 35 वर्षीय युवक अनीश की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, करीब तीन महीने पहले उसे एक आवारा कुत्ते ने काट लिया था, लेकिन शुरुआती तौर पर घाव मामूली होने के कारण उसने Anti-Rabies Vaccine नहीं लगवाया। करीब तीन महीने बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और तेज बुखार तथा सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण सामने आए। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे Rabies Infection होने की जानकारी दी। मामले के बाद Animal Bite को हल्के में न लेने और समय पर बचाव के उपाय करने की जरूरत पर ध्यान गया है।
कुत्ते के काटने के बाद बिगड़ी हालत
बागपत के ललियाना गांव निवासी अनीश को करीब तीन महीने पहले एक आवारा कुत्ते ने काट लिया था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, चोट को सामान्य समझे जाने के कारण उस समय Anti-Rabies Vaccine नहीं लगवाया गया। इसके बाद कुछ समय तक वह सामान्य रहा, लेकिन करीब तीन महीने बाद उसे तेज बुखार और सांस लेने में परेशानी होने लगी। परिवार इलाज के लिए उसे अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने Rabies Infection की जानकारी दी। बीमारी बढ़ने के साथ उसके व्यवहार और नियंत्रण में गंभीर बदलाव दिखाई देने लगे। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में परिजन उसे संभालते नजर आए।
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Rabies Infection दिमाग तक कैसे पहुंचता है?
Rabies Infection एक गंभीर वायरल बीमारी है, जो संक्रमित जानवर के काटने, खरोंचने या उसकी लार के खुले घाव के संपर्क में आने से फैल सकती है। कुत्ते के अलावा बिल्ली, बंदर, चमगादड़ और गीदड़ जैसे जानवर भी इसके संक्रमण का कारण बन सकते हैं। उपलब्ध स्वास्थ्य जानकारी के अनुसार, Rabies Virus शरीर में प्रवेश करने के बाद नसों के रास्ते Central Nervous System, यानी दिमाग और रीढ़ की हड्डी तक पहुंच सकता है। इसके लक्षण कई सप्ताह या महीनों बाद दिखाई दे सकते हैं। पानी से डरना यानी Hydrophobia, हवा से डरना यानी Aerophobia, बुखार, सिरदर्द, अत्यधिक लार, भ्रम और आक्रामक व्यवहार इसके गंभीर लक्षणों में शामिल हैं।
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Animal Bite के बाद तुरंत क्या करें?
Animal Bite होने पर शुरुआती स्तर पर उठाए गए कदम बेहद महत्वपूर्ण बताए गए हैं। उपलब्ध जानकारी में Johns Hopkins Medicine के हवाले से कहा गया है कि किसी भी जानवर के काटने या खरोंचने को मामूली नहीं समझना चाहिए। घाव को तुरंत अच्छी तरह धोना चाहिए और Antiseptic का इस्तेमाल किया जा सकता है। घाव को बांधने तथा घरेलू नुस्खे आजमाने से बचने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही बिना देरी किए Medical Care लेना और डॉक्टर की सलाह के अनुसार Anti-Rabies Vaccine (ARV) लगवाना जरूरी है। Rabies Infection के लक्षण शुरू होने के बाद स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है, इसलिए Animal Bite के तुरंत बाद Medical Evaluation कराना महत्वपूर्ण है।
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दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
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