नई दिल्ली, 13 अगस्त 2026
स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग और Indian Council of Medical Research (ICMR) ने 11-12 अगस्त 2026 को ICMR-शाइन (Science and Health Innovation for Next Generation Explorers) के दूसरे संस्करण का आयोजन किया। इस देशव्यापी पहल का उद्देश्य कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को Biomedical Research और Public Health से सीधे जोड़ना रहा। कार्यक्रम का आयोजन 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 83 स्थानों पर किया गया, जिसमें दूर-दराज और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थी भी शामिल हुए। इस दौरान छात्रों को ICMR की Research Facilities, Scientific Demonstrations और विभिन्न Practical Activities के माध्यम से वैज्ञानिक अनुसंधान को करीब से समझने का अवसर मिला।
यह पहल प्रधानमंत्री के विद्यार्थियों को “एक दिन वैज्ञानिक के तौर पर बिताने” के आह्वान को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित की गई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को केवल किताबों में विज्ञान पढ़ने के बजाय उसे देखने, समझने, सवाल पूछने और Practical Activities के माध्यम से अनुभव करने का अवसर दिया गया। कार्यक्रम को विद्यार्थियों के लिए अधिक संवादात्मक और आसान बनाने के लिए Videos, Posters और ICMR के आधिकारिक शुभंकर डॉ. क्यूरियो का भी इस्तेमाल किया गया।
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83 Locations पर Research का अनुभव
ICMR-शाइन की खासियत इसका व्यापक भौगोलिक विस्तार रहा। यह कार्यक्रम बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि Jammu and Kashmir, Himachal Pradesh, Arunachal Pradesh, Assam, Andaman and Nicobar Islands के साथ-साथ Jharkhand, Odisha और Madhya Pradesh के ग्रामीण एवं दूर-दराज क्षेत्रों तक पहुंचा। हजारों विद्यार्थियों ने पहली बार Research Environment को करीब से देखा और Biomedical Research से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा लिया। इस पहल का उद्देश्य युवाओं में वैज्ञानिक जिज्ञासा को बढ़ाना और उन्हें Public Health से जुड़ी वास्तविक चुनौतियों को वैज्ञानिक नजरिए से समझने के लिए प्रेरित करना रहा।
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Nagpur और Gorakhpur में विद्यार्थियों को पहियों पर बनी अत्याधुनिक Mobile BSL-3 Laboratories को करीब से देखने का अवसर मिला। छात्रों ने समझा कि High-Containment Research किस तरह विशेष परिस्थितियों में की जाती है और ऐसी Research Facilities को जरूरत के अनुसार अलग-अलग स्थानों तक कैसे पहुंचाया जा सकता है। अन्य केंद्रों पर विद्यार्थियों ने Poster Walk, Live Scientific Demonstrations, Body Mass Index Calculation और Laboratory Hygiene जैसी Practical Activities में भाग लिया। इन गतिविधियों के जरिए उन्हें यह समझने का अवसर मिला कि रोजमर्रा के Health Decisions का संबंध व्यापक Public Health System से कैसे जुड़ता है।
Delhi में Young Innovators ने दिखाए Solutions
कार्यक्रम के दौरान Delhi में विद्यार्थियों के बीच Innovation और Scientific Thinking का प्रदर्शन भी देखने को मिला। यहां युवाओं ने NITI Aayog के तहत संचालित Atal Tinkering Labs में तैयार किए गए विभिन्न Creative Solutions प्रस्तुत किए। इन Labs का उद्देश्य विद्यार्थियों में Innovation, Problem Solving और Technology आधारित सोच को प्रोत्साहित करना है। ICMR-शाइन के दौरान विद्यार्थियों की भागीदारी ने यह दिखाया कि Public Health से जुड़ी समस्याओं पर युवा भी नए विचार और संभावित समाधान विकसित कर सकते हैं।
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ICMR के अनुसार कार्यक्रम का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को Laboratories दिखाना नहीं था, बल्कि उन्हें Research की प्रक्रिया को समझने और अपने आसपास मौजूद स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को वैज्ञानिक नजरिए से देखने के लिए प्रेरित करना भी था। विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों के जरिए यह समझा कि वैज्ञानिक Research का इस्तेमाल रोजमर्रा की Health Challenges को समझने और उनके संभावित समाधान खोजने में किस तरह किया जा सकता है। इस तरह ICMR-शाइन ने Classroom Learning को Practical Scientific Experience से जोड़ने का प्रयास किया।
SHINE Website लॉन्च, 11 सितंबर तक Competition में आवेदन
ICMR ने इस पहल के तहत आधिकारिक SHINE Website भी लॉन्च की है, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को Health Research से जुड़े Resources, Programme Updates और उपलब्ध अवसरों की जानकारी मिल सकेगी। इसके साथ ही ICMR ने SHINE School Competition की भी घोषणा की है। इस देशव्यापी प्रतियोगिता में विद्यार्थियों को अपने आसपास मौजूद वास्तविक Public Health Challenges की पहचान करनी होगी, उनसे जुड़े Research Questions तैयार करने होंगे और संभावित Solutions सुझाने होंगे।
प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल वैज्ञानिक जानकारी हासिल करने तक सीमित रखने के बजाय उन्हें Scientific Inquiry और Innovation की प्रक्रिया में शामिल करना है। इसके लिए आवेदन 11 सितंबर 2026 तक SHINE Portal पर जमा किए जा सकते हैं। यह पहल “एक दिन वैज्ञानिक के तौर पर बिताने” की अवधारणा को आगे बढ़ाते हुए विद्यार्थियों को अपने आसपास की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को Research और Evidence के नजरिए से देखने का अवसर देगी।
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कार्यक्रम को देशभर के Schools और Teachers से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। शिक्षकों ने कहा कि विद्यार्थियों को Classroom से बाहर निकलकर Research और Laboratory Activities का प्रत्यक्ष अनुभव मिलने से उनकी वैज्ञानिक समझ को मजबूत करने में मदद मिलती है। कई शिक्षकों ने इस तरह के कार्यक्रमों को नियमित अंतराल पर आयोजित करने की आवश्यकता भी जताई। एक School ने अपने सभी विद्यार्थियों को Competition में शामिल करने और उनके Projects को Internal Project Assessment में शामिल करने की घोषणा की।
ICMR-शाइन 2026 के जरिए ICMR ने युवाओं को Science के बारे में केवल पढ़ने के बजाय उसे देखने, अनुभव करने और उससे जुड़े सवाल पूछने का अवसर दिया। 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 83 स्थानों तक पहुंची यह पहल विद्यार्थियों को Biomedical Research और Public Health से जोड़ने के साथ-साथ उनमें Scientific Thinking और Innovation की दिशा में रुचि विकसित करने का प्रयास है।
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दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
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