नई दिल्ली, 11 अगस्त 2026
Hospital में इलाज कराने वाले मरीजों और उनके परिवारों के लिए Room Charges को लेकर Parliamentary Panel ने अहम सिफारिश की है। Panel का कहना है कि Hospital में कमरे का किराया आसपास के औसत 3-Star Hotel Tariff से अधिक नहीं होना चाहिए। यह सिफारिश Hospital में इलाज के दौरान बढ़ने वाले खर्च और मरीजों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को ध्यान में रखते हुए की गई है। Hospital Room Charges के अलावा मरीजों के बिल में Diagnostics, Medicines, Medical Devices और अन्य सेवाओं के खर्च भी शामिल हो सकते हैं।
Room Charges पर सिफारिश
Parliamentary Panel की सिफारिश का मुख्य उद्देश्य Hospital Room Charges को अधिक पारदर्शी और मरीजों के लिए उचित बनाए रखना है। Panel के मुताबिक Hospital के कमरे की कीमत तय करते समय आसपास उपलब्ध 3-Star Hotels के औसत Tariff को एक संदर्भ के तौर पर देखा जाना चाहिए। हालांकि Hospital का कमरा सामान्य Hotel Room जैसा नहीं होता, क्योंकि इसमें मरीज की Clinical जरूरतों के अनुसार Bed, Nursing Support, Emergency Response और अन्य Medical सुविधाएं उपलब्ध रहती हैं। इसी वजह से Hospital और Hotel की सेवाओं की तुलना को लेकर अलग-अलग पक्षों की अपनी दलीलें भी हैं।
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Hospital Bill में Room Rent बड़ा हिस्सा
Hospital में भर्ती मरीज के कुल खर्च में Room Rent के साथ कई अन्य Charges भी जुड़ते हैं। इनमें Medical Tests, Medicines, Medical Devices, Consumables, Nursing और Treatment से संबंधित दूसरी सेवाएं शामिल हो सकती हैं। Competition Commission of India के एक मामले में भी निजी Super Specialty Hospitals के Room Rent, Medical Tests, Medical Devices, Consumables और Medicines जैसे अलग-अलग खर्चों की जांच का उल्लेख है। ऐसे मामलों में मरीज को Admission के समय अनुमानित खर्च की जानकारी दी जाती है, लेकिन Treatment के दौरान अतिरिक्त Tests, लंबे Hospital Stay या अन्य Medical जरूरतों के कारण अंतिम Bill बदल सकता है।
Hotel और Hospital की तुलना पर सवाल
Hospital Room Charges की तुलना 3-Star Hotel Tariff से करने को लेकर एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि दोनों की सेवाएं पूरी तरह समान नहीं हैं। Hospital के कमरे में केवल रहने की सुविधा नहीं होती, बल्कि मरीज की Medical जरूरतों के लिए Nursing Staff, Patient Bed, Emergency Response और Clinical Support जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध रहती हैं। CCI के रिकॉर्ड में भी यह तर्क दर्ज है कि Hospital Rooms और 3-Star या 4-Star Hotel Rooms अलग-अलग Relevant Products हैं और दोनों को सीधे Substitutable नहीं माना जा सकता। इसलिए Room Charges का आकलन करते समय Hospital की वास्तविक लागत और उपलब्ध Medical सुविधाओं को भी ध्यान में रखना महत्वपूर्ण है।
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मरीजों के खर्च को लेकर बढ़ी चिंता
Hospital Treatment की कुल लागत मरीज और उसके परिवार के लिए बड़ी आर्थिक चुनौती बन सकती है। विशेष रूप से लंबे समय तक Hospital में भर्ती रहने की स्थिति में Room Rent के साथ दूसरे खर्च भी बढ़ते जाते हैं। CCI के दस्तावेज में बताया गया है कि Hospital में भर्ती मरीजों के लिए Bed Charges, Nursing Services, Diagnostic Tests, Procedures, Medicines और अन्य Ancillary Costs Out-of-Pocket Expenditure का हिस्सा बनते हैं। ऐसे में Room Charges पर Parliamentary Panel की सिफारिश को Hospital Billing में affordability और transparency से जुड़े व्यापक मुद्दे के संदर्भ में देखा जा सकता है।
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दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
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