नई दिल्ली, 28 जुलाई 2026
National Medical Commission (NMC) ने MBBS Admission 2026 के लिए Persons with Benchmark Disabilities (PwBD) उम्मीदवारों के Assessment से जुड़ी नई Guidelines जारी कर दी हैं। नए Framework के तहत अब उम्मीदवारों की Eligibility केवल उनकी Disability के प्रकार या प्रतिशत के आधार पर तय नहीं होगी। इसके बजाय यह देखा जाएगा कि उम्मीदवार आवश्यक Medical Competencies को उचित सहायता (Reasonable Accommodation) के साथ पूरा करने में सक्षम है या नहीं। NMC का कहना है कि नई व्यवस्था का उद्देश्य मेडिकल शिक्षा में समावेशिता (Inclusivity) को बढ़ावा देना, योग्य PwBD उम्मीदवारों को समान अवसर देना और Medical Education के Professional Standards को बनाए रखना है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक उम्मीदवार का व्यक्तिगत और कार्यात्मक (Functional) Assessment किया जाएगा, जिससे उसकी वास्तविक क्षमता का निष्पक्ष मूल्यांकन हो सके।
Competency-Based Assessment में क्या बदला?
नई Guidelines का सबसे बड़ा बदलाव Competency-Based Assessment Framework है। पहले कई मामलों में Disability Percentage और Disability Category को Eligibility तय करने का प्रमुख आधार माना जाता था, लेकिन अब मेडिकल बोर्ड उम्मीदवार की कार्यात्मक क्षमता (Functional Ability) का विस्तृत मूल्यांकन करेगा। इसमें यह देखा जाएगा कि छात्र Medical Course के दौरान आवश्यक Academic Learning, Practical Training और Clinical Skills को उचित सहायता के साथ पूरा कर सकता है या नहीं। NMC ने कहा है कि हर PwBD उम्मीदवार की स्थिति अलग होती है, इसलिए एक समान पैमाने से सभी का मूल्यांकन करना उचित नहीं है। यही वजह है कि नए Framework में Individual Assessment को प्राथमिकता दी गई है। इससे ऐसे उम्मीदवारों को भी अवसर मिल सकता है जो पहले केवल Disability Classification के कारण Admission प्रक्रिया में कठिनाइयों का सामना करते थे।
यह भी पढ़ें: NMC का बड़ा कदम: DM Courses में 3 नई MD Feeder Qualifications जोड़ने पर बनी Panel
![]()
Eligibility Certificate और Enabling Unit होंगे अहम
नई Guidelines के तहत Disability Certificate की जगह अब Eligibility Certificate जारी किया जाएगा। यह केवल Disability की पुष्टि करने वाला दस्तावेज नहीं होगा, बल्कि इसमें यह भी उल्लेख होगा कि उम्मीदवार MBBS Course के लिए निर्धारित Competencies पूरी करने में सक्षम है या नहीं। इसके अलावा NMC ने सभी Medical Colleges को Enabling Unit स्थापित करने का निर्देश दिया है। यह Unit PwBD छात्रों को Admission से लेकर Course पूरा होने तक सहायता प्रदान करेगी। इसमें Academic Support, Reasonable Accommodation, Clinical Assistance, Assistive Technology, Accessibility और छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए एक समर्पित व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। NMC का मानना है कि इससे मेडिकल कॉलेजों में अधिक समावेशी और Barrier-Free Learning Environment विकसित होगा।
Reasonable Accommodation पर रहेगा विशेष जोर
Guidelines में Reasonable Accommodation को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। इसका अर्थ है कि यदि किसी PwBD छात्र को पढ़ाई, Practical Sessions, Clinical Training या Examination के दौरान विशेष सहायता की आवश्यकता है, तो संस्थान उसे उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे। इसमें जरूरत के अनुसार Assistive Devices, अतिरिक्त समय, Accessible Infrastructure, Support Services और अन्य सुविधाएं शामिल हो सकती हैं। हालांकि NMC ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की जाएगी जिससे Medical Competencies या Patient Safety से समझौता हो। आयोग का कहना है कि उद्देश्य उम्मीदवारों को विशेष लाभ देना नहीं, बल्कि समान अवसर उपलब्ध कराना है ताकि वे अपनी वास्तविक क्षमता के आधार पर प्रदर्शन कर सकें।
यह भी पढ़ें: AIIMS Jodhpur में Ragging Complaint के बाद Doctor ने लगाए गंभीर आरोप…
![]()
Medical Colleges को दिए गए नए निर्देश
NMC ने सभी Medical Colleges और Assessment Boards को PwBD उम्मीदवारों के मूल्यांकन में नई Guidelines का पालन करने के निर्देश दिए हैं। संस्थानों को विशेषज्ञों की सहायता से निष्पक्ष Assessment सुनिश्चित करना होगा और प्रत्येक उम्मीदवार की Functional Capacity का वैज्ञानिक मूल्यांकन करना होगा। आयोग ने यह भी कहा कि कॉलेजों में ऐसा वातावरण विकसित किया जाए जहां PwBD छात्र बिना किसी भेदभाव के पढ़ाई और Clinical Training पूरी कर सकें। Enabling Unit नियमित रूप से छात्रों की आवश्यकताओं की समीक्षा करेगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराएगी। इसके साथ ही संस्थानों को Accessible Infrastructure और Inclusive Academic Practices अपनाने पर भी जोर दिया गया है।
RPWD Act 2016 के अनुरूप तैयार हुआ Framework
NMC ने बताया कि नई Guidelines को Rights of Persons with Disabilities (RPWD) Act, 2016 के सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योग्य PwBD उम्मीदवारों को Medical Education में समान अवसर मिले, लेकिन साथ ही MBBS Course की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो। नया Framework मेडिकल शिक्षा में समावेशिता और Professional Standards के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भविष्य में PwBD उम्मीदवारों के Assessment की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और Competency-Based होगी।
![]()
MBBS Admission 2026 के छात्रों को क्या करना चाहिए?
MBBS Admission 2026 की तैयारी कर रहे PwBD उम्मीदवारों को NMC की नई Guidelines को ध्यान से समझना चाहिए। Admission प्रक्रिया के दौरान उन्हें निर्धारित Medical Board से Eligibility Certificate प्राप्त करना होगा और आवश्यक दस्तावेज समय पर प्रस्तुत करने होंगे। उम्मीदवारों को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी Disability और Functional Assessment से जुड़े सभी रिकॉर्ड अद्यतन हों। विशेषज्ञों का मानना है कि नई व्यवस्था योग्य छात्रों के लिए अवसर बढ़ा सकती है, लेकिन अंतिम निर्णय निर्धारित Medical Board द्वारा Competency Assessment के आधार पर ही लिया जाएगा।
यह भी पढ़ें: NMC Ethics Appeal Portal लॉन्च, Doctors के लिए क्या बदला?
दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
Discussion about this post