नई दिल्ली, 28 जुलाई 2026
National Medical Commission (NMC) के Postgraduate Medical Education Board (PGMEB) ने DM Courses में नई Feeder Qualifications को शामिल करने की संभावना की जांच के लिए एक Sub-committee का गठन किया है। इस Panel को MD Biochemistry, MD Emergency Medicine और MD Tropical Medicine को विभिन्न DM Super-speciality Courses के लिए पात्रता के रूप में शामिल करने पर विचार करने की जिम्मेदारी दी गई है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की स्थिति में इन MD Qualifications वाले Doctors के लिए कुछ नए DM Courses में प्रवेश का रास्ता खुल सकता है। हालांकि, यह फिलहाल केवल विचार और सिफारिश के स्तर पर है तथा इसे अंतिम निर्णय नहीं माना जाएगा।
किन MD Courses को मिल सकती है Eligibility?
NMC के 22 जुलाई 2026 के Office Order के अनुसार, MD Biochemistry को DM Endocrinology के लिए Feeder Qualification के रूप में शामिल करने पर विचार किया जाएगा। वहीं, MD Emergency Medicine को DM Neurology और DM Cardiology के लिए पात्र बनाने की संभावना की जांच की जाएगी। इसके अलावा, MD Tropical Medicine को DM Gastroenterology, DM Rheumatology, DM Endocrinology, DM Critical Care, DM Nephrology और DM Haematology के लिए Feeder Qualification के रूप में शामिल करने का प्रस्ताव विचाराधीन है। Sub-committee इन संभावनाओं की समीक्षा करने के बाद NMC को अपनी सिफारिशें देगी।
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तीन Medical Experts को मिली जिम्मेदारी
इस प्रस्ताव की समीक्षा के लिए गठित Sub-committee में तीन Medical Experts को शामिल किया गया है। इनमें Lady Hardinge Medical College और SSKH की Professor डॉ. प्रिंसी जैन, ABVIMS और Dr RML Hospital के Director एवं Professor डॉ. अजय चौहान तथा Medicine Department के Professor डॉ. पारस कथूरिया शामिल हैं। यह समिति प्रस्तावित MD Qualifications और संबंधित DM Courses के बीच शैक्षणिक एवं Clinical संबंधों की जांच करेगी। समिति की सिफारिशों के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जा सकती है। NMC ने अभी इन Qualifications को DM Courses के लिए आधिकारिक रूप से मंजूरी नहीं दी है।
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Medical Fraternity में शुरू हुई बहस
इस प्रस्ताव को लेकर Medical Fraternity में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। Indian Medical Association Junior Doctors Network (IMA-JDN) के National Spokesperson और Public Health Expert डॉ. ध्रुव चौहान ने प्रस्ताव पर चिंता जताते हुए कहा कि Super-speciality Courses के लिए Eligibility तय करते समय Clinical Exposure को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। वहीं, AIMSA-FMSW और AFA के National Vice President डॉ. समर कुमार ने कहा कि किसी भी निर्णय से पहले Speciality Societies, Medical Colleges और Resident Doctors के साथ पारदर्शी चर्चा जरूरी है। उन्होंने Medical Training Standards और Patient Care को प्राथमिकता देने की बात कही।
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दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
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