नई दिल्ली, 26 जुलाई 2026
देश में मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा विस्तार हुआ है। केंद्र सरकार ने लोकसभा में जानकारी दी कि भारत में Medical Colleges की संख्या बढ़कर 844 हो गई है, जबकि MBBS Seats बढ़कर 1,39,489 और Postgraduate (PG) Seats बढ़कर 86,360 तक पहुंच गई हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने लिखित जवाब में बताया कि वर्ष 2014 में देश में 387 मेडिकल कॉलेज, 51,348 MBBS सीटें और 31,185 PG सीटें थीं। सरकार का कहना है कि नए मेडिकल कॉलेजों और सीटों में बढ़ोतरी से विशेषकर दूरदराज और कम सुविधाओं वाले क्षेत्रों में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी।
12 साल में दोगुने से ज्यादा हुए Medical Colleges
सरकार के अनुसार पिछले एक दशक में मेडिकल शिक्षा के बुनियादी ढांचे में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 2014 की तुलना में अब मेडिकल कॉलेजों की संख्या 844 तक पहुंच चुकी है। इसी अवधि में MBBS और PG दोनों स्तरों पर सीटों में भी बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय का मानना है कि मेडिकल शिक्षा का यह विस्तार भविष्य में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने और देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। खासतौर पर नए संस्थानों के जरिए उन क्षेत्रों में भी मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हो रहा है, जहां पहले पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं।
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ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं पर भी सरकार का फोकस
सरकार ने संसद में बताया कि मेडिकल शिक्षा को केवल सीटों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं रखा गया है। Family Adoption Programme (FAP) को MBBS Curriculum का हिस्सा बनाया गया है, जिसके तहत मेडिकल कॉलेज गांवों को अपनाते हैं और MBBS छात्र परिवारों से जुड़कर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं और सामुदायिक स्वास्थ्य जरूरतों को समझते हैं। सरकार का कहना है कि इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बेहतर होगी और मेडिकल छात्रों को जमीनी स्तर पर व्यावहारिक अनुभव भी मिलेगा।
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स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की तैयारी
केंद्र सरकार का कहना है कि मेडिकल कॉलेजों और सीटों में लगातार बढ़ोतरी का उद्देश्य देश में डॉक्टरों की संख्या बढ़ाना और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। सरकार के अनुसार मेडिकल शिक्षा के विस्तार से भविष्य में डॉक्टरों की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी। साथ ही, दूरस्थ और कम विकसित क्षेत्रों में नए मेडिकल कॉलेज स्थापित होने से स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच में भी सुधार होने की उम्मीद है।
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दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
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