मैसूरु, कर्नाटक, 13 जुलाई 2026
आयुर्वेद विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून का मौसम शरीर की सफाई (Detoxification) और Rejuvenation Therapy के लिए सबसे उपयुक्त समय माना जाता है। इस दौरान वातावरण में नमी और ठंडक होने से शरीर आयुर्वेदिक उपचारों को बेहतर तरीके से स्वीकार करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस मौसम में Panchakarma Therapy, संतुलित आहार, योग और ध्यान जैसी गतिविधियां अपनाने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और कई मौसमी बीमारियों से बचाव में मदद मिल सकती है।
मानसून में शरीर Detox के लिए क्यों है सही समय?
आयुर्वेद के जानकारों के अनुसार, बारिश के मौसम में वातावरण की नमी और ठंडक के कारण त्वचा के रोमछिद्र अधिक सक्रिय हो जाते हैं। इससे औषधीय तेलों और आयुर्वेदिक उपचारों का प्रभाव बेहतर माना जाता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि इसी कारण इस मौसम में शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने और शरीर के संतुलन को बनाए रखने के लिए उपचार अधिक प्रभावी हो सकते हैं। हालांकि, किसी भी प्रकार की Detox Therapy या Panchakarma केवल योग्य आयुर्वेद चिकित्सक की सलाह और निगरानी में ही करानी चाहिए।
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Panchakarma के साथ Diet और Yoga पर भी जोर
विशेषज्ञों ने बताया कि केवल Panchakarma Therapy ही पर्याप्त नहीं होती, बल्कि इसके साथ मौसमानुकूल भोजन और स्वस्थ दिनचर्या भी जरूरी है। मानसून में हल्का, ताजा और आसानी से पचने वाला भोजन लेने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा नियमित Yoga, Meditation और पर्याप्त आराम शरीर को संतुलित रखने में मदद करते हैं। आयुर्वेद के अनुसार, इन उपायों से पाचन क्षमता बेहतर रहती है और शरीर की प्राकृतिक प्रतिरोधक क्षमता को भी समर्थन मिलता है।
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मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए अपनाएं सावधानी
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून में संक्रमण, पाचन संबंधी समस्याएं और मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में समय पर स्वास्थ्य जांच, स्वच्छ भोजन, उबला या सुरक्षित पानी पीना और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार आयुर्वेदिक उपचार अपनाना लाभकारी हो सकता है। उन्होंने लोगों से बिना विशेषज्ञ की सलाह के कोई भी Detox Therapy या आयुर्वेदिक प्रक्रिया शुरू न करने की अपील की है। उनका मानना है कि सही मार्गदर्शन में अपनाई गई जीवनशैली और उपचार लंबे समय तक बेहतर स्वास्थ्य बनाए रखने में सहायक हो सकते हैं।
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दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
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