पटना, बिहार, 11 जुलाई 2026
NEET UG 2026 Impersonation मामले में Patna Medical College and Hospital (PMCH) ने एक MBBS छात्र के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। कॉलेज प्रशासन ने आरोपी छात्र का Admission तत्काल प्रभाव से अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। साथ ही उसका Hostel Allocation भी रद्द कर दिया गया है। कॉलेज ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं तो छात्र का Admission स्थायी रूप से निरस्त कर दिया जाएगा। यह कार्रवाई बिहार के लखीसराय में दर्ज FIR और चल रही जांच के आधार पर की गई है।
NEET Re-Exam में ‘Solver’ बनने का आरोप
जानकारी के अनुसार, 21 जून को आयोजित NEET UG 2026 Re-Examination के दौरान आरोपी MBBS छात्र पर दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने का आरोप है। जांच एजेंसियों के अनुसार छात्र कथित तौर पर Biometric Staff बनकर परीक्षा केंद्र में पहुंचा और एक अभ्यर्थी की ओर से परीक्षा देने की कोशिश की। इस मामले में बिहार पुलिस पहले ही कई लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। PMCH प्रशासन ने FIR और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर छात्र के खिलाफ तत्काल प्रशासनिक कार्रवाई की है, जबकि पुलिस और अन्य एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं।
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जांच में सामने आए कई अहम संकेत
PMCH की प्राचार्य Prof. Dr. Geeta Sinha ने बताया कि कॉलेज प्रशासन ने समाचार पत्रों में प्रकाशित तस्वीरों, Admission Register, Mobile Number और अन्य आधिकारिक रिकॉर्ड का मिलान किया। जांच के दौरान परीक्षा केंद्र पर दिखाई देने वाले व्यक्ति की पहचान संबंधित छात्र के रूप में की गई। इसके अलावा छात्र 22 जून को आयोजित विशेष कक्षा में भी अनुपस्थित पाया गया, जिससे संदेह और गहरा हुआ। कॉलेज प्रशासन ने बताया कि इस मामले में दो अन्य छात्रों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और संबंधित पुलिस थाने से विस्तृत जानकारी मांगी गई है।
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30 गिरफ्तार, जांच का दायरा लगातार बढ़ा
इस पूरे मामले की जांच Economic Offences Unit (EOU) की Special Investigation Team (SIT) कर रही है। अब तक इस Impersonation रैकेट में 30 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें MBBS छात्र, Nursing छात्र, Biometric Staff और अन्य आरोपी शामिल हैं। जांच एजेंसियां Dummy Candidate Network, Biometric Verification में गड़बड़ी, Money Trail और Paper Leak से जुड़े संभावित संबंधों की भी जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में अन्य छात्रों या कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं
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