नई दिल्ली, 29 जून 2026
मानसून अपने साथ जहां गर्मी से राहत लेकर आता है, वहीं कई संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ा देता है। बारिश के दौरान जलभराव, दूषित पानी, बढ़ती नमी और मच्छरों की संख्या में वृद्धि के कारण Dengue, Typhoid, Leptospirosis और Hepatitis A जैसी बीमारियां तेजी से फैल सकती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर सावधानी बरतकर इन संक्रमणों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
बारिश में क्यों बढ़ जाता है संक्रमण का खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार मानसून के मौसम में जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण बन जाता है। वहीं दूषित पानी और अस्वच्छ भोजन के कारण Water-borne Diseases का जोखिम भी बढ़ जाता है। इसी वजह से Dengue, Typhoid, Hepatitis A और Leptospirosis के मामले इस मौसम में अधिक देखने को मिलते हैं। डॉक्टर सलाह देते हैं कि केवल स्वच्छ पानी पिएं, ताजा भोजन करें और व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें ताकि संक्रमण से बचा जा सके।
![]()
इन बीमारियों के लक्षणों को नजरअंदाज न करें
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार तेज बुखार, शरीर और जोड़ों में दर्द, उल्टी, पेट दर्द, लगातार कमजोरी, पीलिया, सिरदर्द या त्वचा पर चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। Dengue मच्छरों के काटने से फैलता है, जबकि Typhoid और Hepatitis A आमतौर पर दूषित भोजन एवं पानी से फैलते हैं। वहीं Leptospirosis संक्रमित पानी के संपर्क में आने से हो सकता है। समय पर जांच और उपचार गंभीर जटिलताओं से बचाने में मदद करता है।
![]()
इन आसान उपायों से करें बचाव
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान घर और आसपास पानी जमा न होने दें, पूरी बाजू के कपड़े पहनें, मच्छररोधी उपाय अपनाएं और बाहर का अस्वच्छ भोजन खाने से बचें। केवल उबला या शुद्ध पानी पीने, हाथों की नियमित सफाई और बुखार या अन्य लक्षण होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय डॉक्टर से परामर्श लेने की सलाह दी जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता और समय पर सावधानी बरतने से मानसून में होने वाली अधिकांश बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है।
तमिलनाडु में पल्स पोलियो अभियान शुरू: 52.91 लाख बच्चों को टीका लगाने का लक्ष्य
आर. पी. अरोड़ा
सीनियर जर्नलिस्ट
तीन दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय आर. पी. अरोड़ा राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और समसामयिक विषयों के अनुभवी विश्लेषक हैं। खोजी रिपोर्टिंग और जमीनी मुद्दों पर उनकी पैनी नजर उन्हें एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।
Discussion about this post