मोटापा, Diabetes, Chronic Kidney Disease और Heart Disease को लंबे समय तक अलग-अलग बीमारियों के रूप में देखा जाता रहा है, लेकिन नई CKM (Cardiovascular-Kidney-Metabolic) Staging System इन सभी स्थितियों को एक-दूसरे से जुड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों के रूप में परिभाषित करती है। हाल ही में American Heart Association (AHA), American College of Cardiology (ACC), American Diabetes Association (ADA) और American Society of Nephrology (ASN) द्वारा जारी 2026 Guidelines में CKM Syndrome को समझाने के लिए एक नया स्टेजिंग मॉडल पेश किया गया है। इसका उद्देश्य बीमारी के शुरुआती चरणों में जोखिम की पहचान कर समय रहते हस्तक्षेप करना है।
CKM Syndrome क्या है?
विशेषज्ञों के अनुसार CKM Syndrome एक ऐसा ढांचा है जो मोटापा, Metabolic Disorders, Kidney Disease और Cardiovascular Disease के बीच गहरे संबंध को दर्शाता है। इस मॉडल के अनुसार Excess Body Fat, Insulin Resistance, Diabetes और Kidney Damage समय के साथ एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं और अंततः Heart Attack, Stroke या Heart Failure जैसी गंभीर स्थितियों का जोखिम बढ़ा सकते हैं। नई Guidelines इन बीमारियों को अलग-अलग देखने के बजाय एक निरंतर स्वास्थ्य प्रक्रिया के रूप में समझने पर जोर देती हैं।
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पांच चरणों में समझाया गया जोखिम
CKM Staging System में Stage 0 से Stage 4 तक विभिन्न स्तर निर्धारित किए गए हैं। Stage 0 में व्यक्ति में कोई प्रमुख जोखिम कारक मौजूद नहीं होता। Stage 1 में Excess या Dysfunctional Adiposity यानी असामान्य या अधिक Body Fat शामिल है। Stage 2 में Diabetes, Hypertension, Dyslipidemia या Chronic Kidney Disease जैसे Metabolic Risk Factors दिखाई देते हैं। Stage 3 में Cardiovascular Disease के शुरुआती लेकिन बिना लक्षण वाले संकेत मौजूद हो सकते हैं, जबकि Stage 4 में Heart Attack, Heart Failure, Stroke या अन्य स्थापित Cardiovascular Disease सामने आ जाती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती चरणों में पहचान होने पर बीमारी की प्रगति को काफी हद तक रोका जा सकता है।
भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह मॉडल?
भारत में मोटापा, Diabetes, High Blood Pressure, Chronic Kidney Disease और Cardiovascular Disease के मामलों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि CKM Framework चिकित्सकों को मरीजों का अधिक समग्र मूल्यांकन करने में मदद कर सकता है। उदाहरण के लिए Diabetes से पीड़ित व्यक्ति की Kidney Health और Cardiovascular Risk का आकलन भी समान रूप से महत्वपूर्ण माना जाएगा। इसी तरह Heart Disease या Kidney Disease वाले मरीजों में Metabolic Disorders की जांच पर भी अधिक जोर दिया जाएगा। यह मॉडल एकीकृत और निवारक स्वास्थ्य देखभाल की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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समय रहते पहचान पर सबसे ज्यादा जोर
नई Guidelines का सबसे महत्वपूर्ण संदेश बीमारी का इलाज करने से पहले उसके जोखिम की पहचान करना है। विशेषज्ञों के अनुसार CKM Staging System चिकित्सकों को यह समझने में मदद करेगा कि मरीज किस चरण में है और उसे अगले चरण में बढ़ने से रोकने के लिए कौन से कदम उठाए जाने चाहिए। Lifestyle Modification, Weight Management, Blood Sugar Control, Blood Pressure Monitoring और Kidney Function Assessment जैसी रणनीतियों को इस मॉडल का अहम हिस्सा माना गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर हस्तक्षेप से भविष्य में Cardiovascular Events और Kidney Failure के जोखिम को कम किया जा सकता है।
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