प्रयागराज/नई दिल्ली, 9 जून 2026
प्रयागराज के Swaroop Rani Nehru (SRN) Hospital में Doctors और Lawyers के बीच हुए विवाद से जुड़े मामले में एक Resident Doctor की गिरफ्तारी के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। कई राष्ट्रीय डॉक्टर संगठनों ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath और National Human Rights Commission (NHRC) से हस्तक्षेप की मांग की है। संगठनों का आरोप है कि जांच पूरी होने तक किसी Resident Doctor के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद गिरफ्तारी की गई।
गिरफ्तारी पर नाराज़ Doctors
Federation of All India Medical Association (FAIMA), Federation of Resident Doctors Association (FORDA) और United Doctors Front (UDF) समेत कई डॉक्टर संगठनों ने गिरफ्तारी को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि प्रशासन के साथ हुई बातचीत के बाद Resident Doctors ने अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया था और अस्पताल सेवाएं सामान्य कर दी थीं। ऐसे में बाद में की गई गिरफ्तारी से चिकित्सा समुदाय में असंतोष बढ़ा है। संगठनों ने मांग की है कि गिरफ्तारी के कानूनी आधार और पूरी प्रक्रिया को सार्वजनिक किया जाए ताकि मामले में पारदर्शिता बनी रहे और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके।
NHRC से हस्तक्षेप की मांग
FORDA ने इस मामले में NHRC को शिकायत भेजी है। संगठन का आरोप है कि संबंधित Resident Doctor को उनके Rampur स्थित आवास से सादे कपड़ों में आए लोगों द्वारा हिरासत में लिया गया। शिकायत में कहा गया है कि परिवार को कई घंटों तक डॉक्टर की स्थिति और गिरफ्तारी के कानूनी आधार की जानकारी नहीं दी गई। संगठन ने NHRC से मामले की जांच कराने, गिरफ्तारी प्रक्रिया की वैधता की समीक्षा करने तथा डॉक्टर को उचित कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। हालांकि प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
![]()
20 मई की घटना से जुड़ा मामला
यह मामला 20 मई को SRN Hospital में Doctors और Lawyers के बीच हुए हिंसक विवाद से जुड़ा है। बताया गया था कि विवाद एक मरीज के उपचार में कथित देरी को लेकर शुरू हुआ था। Lawyers पक्ष ने Doctors पर मारपीट के आरोप लगाए थे, जबकि Resident Doctors का कहना था कि अस्पताल परिसर में उनके साथ भी हिंसा हुई और एक महिला Resident Doctor पर हमला किया गया। घटना के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने जांच समिति गठित की थी और कुछ Resident Doctors को निलंबित भी किया गया था। इसके विरोध में Doctors ने आंदोलन शुरू किया था और सुरक्षा संबंधी मांगें उठाई थीं।
![]()
Doctor Safety पर फिर बहस
Resident Doctor की गिरफ्तारी के बाद Doctor Safety, Workplace Violence और स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। डॉक्टर संगठनों का कहना है कि स्वास्थ्यकर्मियों से जुड़े मामलों में निष्पक्ष जांच और स्पष्ट प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए। वहीं, प्रशासनिक और कानूनी एजेंसियों द्वारा मामले की जांच जारी है। फिलहाल डॉक्टर समुदाय की नजर राज्य सरकार और NHRC की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।
Discussion about this post