नई दिल्ली, 3 जून 2026
केंद्र सरकार ने दवा परीक्षण और विश्लेषण से जुड़े शुल्कों में बड़ा बदलाव करते हुए नई शुल्क संरचना अधिसूचित कर दी है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) द्वारा जारी Drugs (Third Amendment) Rules, 2026 के तहत अब Central Drugs Laboratories (CDLs), State Drugs Laboratories (SDLs) और Pharmacopoeial Laboratory for Indian Medicine (PLIM) में होने वाले परीक्षणों की फीस हर वर्ष स्वतः 5 प्रतिशत बढ़ेगी।
नई शुल्क व्यवस्था लागू
सरकार ने Drugs Rules, 1945 के Schedule B और Schedule B(1) को संशोधित कर नई फीस संरचना लागू की है। यह संशोधन दवाओं, वैक्सीन, सीरम, होम्योपैथिक, हर्बल और पारंपरिक औषधियों के परीक्षण एवं विश्लेषण शुल्क को अपडेट करता है। नए नियम राजपत्र में प्रकाशन के तीन महीने बाद प्रभावी होंगे।
हर साल 5% बढ़ेगी फीस
संशोधन की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि निर्धारित परीक्षण एवं विश्लेषण शुल्क में हर साल स्वतः 5 प्रतिशत की वृद्धि होगी। यह प्रावधान Schedule B और Schedule B(1) दोनों पर लागू होगा।
कई आधुनिक परीक्षणों के शुल्क तय
नई फीस संरचना में HPLC, HPTLC, Gas Liquid Chromatography (GLC), PCR, IR Spectroscopy, UV Spectroscopy, Atomic Absorption Spectroscopy (AAS) और ICP Analysis जैसे उन्नत परीक्षणों के शुल्क निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा Sterility Test, Microbial Limit Test, Bacterial Endotoxin Test, Toxicity Test और अन्य जैविक परीक्षणों की फीस भी तय की गई है।
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AYUSH और पारंपरिक दवाओं पर भी लागू
सरकार ने Schedule B(1) में भी संशोधन किया है, जो AYUSH दवाओं और भारतीय पारंपरिक चिकित्सा से जुड़े परीक्षणों पर लागू होता है। इसमें Sterility Testing, Toxicity Testing, Chromatographic Analysis, Pesticide Residue Testing, Heavy Metal Analysis और Aflatoxin Testing जैसे परीक्षणों की नई फीस निर्धारित की गई है।
आपत्तियां नहीं मिलने के बाद हुआ फैसला
स्वास्थ्य मंत्रालय ने जनवरी 2026 में इस संबंध में मसौदा नियम जारी कर सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की थीं। मंत्रालय के अनुसार निर्धारित अवधि के दौरान कोई आपत्ति या सुझाव प्राप्त नहीं हुआ, जिसके बाद Drugs Technical Advisory Board (DTAB) से परामर्श कर संशोधन को अंतिम रूप दिया गया।
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