नई दिल्ली, 19 जुलाई 2026
NMC ने Faculty Appointment और Promotion से जुड़े मामलों में बड़ा बदलाव करते हुए Medical Colleges, Universities, NBEMS-अनुमोदित Hospitals और अन्य नियुक्ति प्राधिकरणों को निर्देश दिया है कि वे Teaching Positions के लिए उम्मीदवारों की पात्रता का निर्धारण स्वयं करें। आयोग ने स्पष्ट किया है कि Medical Institutions (Qualifications of Faculty) Regulations, 2025 (MIQFR-2025) में पात्रता से जुड़े सभी प्रावधान स्पष्ट रूप से मौजूद हैं, इसलिए Routine मामलों में PGMEB/NMC को Eligibility Certificate या Clarification के लिए Reference भेजने की आवश्यकता नहीं है। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
Routine मामलों में नहीं मिलेगा Eligibility Certificate
NMC ने कहा कि हाल के समय में Faculty Members, Medical Colleges, Universities और NBEMS-अनुमोदित Hospitals की ओर से Teaching Appointment और Promotion के लिए Eligibility Certificate तथा Clarification की बड़ी संख्या में मांगें आ रही थीं। इसे देखते हुए आयोग ने निर्णय लिया है कि अब ऐसे Routine मामलों में PGMEB कोई Eligibility Certificate या स्पष्टीकरण जारी नहीं करेगा। संबंधित नियुक्ति प्राधिकरणों को MIQFR-2025 के प्रावधानों के आधार पर स्वयं पात्रता तय करनी होगी। आयोग का मानना है कि इससे नियुक्ति प्रक्रिया अधिक तेज और प्रभावी बनेगी।
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किन मामलों में NMC करेगा सुनवाई?
NMC ने स्पष्ट किया है कि केवल असाधारण परिस्थितियों में ही मामलों पर विचार किया जाएगा। इनमें नियमों की व्याख्या को लेकर अस्पष्टता, Qualification की Equivalence, Transitional Provisions या अन्य ऐसे विषय शामिल हैं, जिनमें नियामकीय स्पष्टीकरण आवश्यक हो। ऐसे मामलों को सीधे व्यक्ति नहीं भेज सकेंगे, बल्कि उन्हें Dean, Director, Principal, Registrar या सक्षम नियुक्ति प्राधिकारी के माध्यम से भेजना होगा। प्रत्येक आवेदन के साथ संबंधित दस्तावेज और स्पष्ट कारण देना अनिवार्य होगा।
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₹25,000 Fee और नई प्रक्रिया भी लागू
NMC ने यह भी बताया कि Exceptional Reference भेजने पर ₹25,000 का Non-Refundable Processing Fee तथा लागू GST देना होगा। यदि कोई व्यक्ति सीधे आवेदन भेजता है, तो उसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। हालांकि, यदि किसी वास्तविक मामले को संस्थान 60 दिन तक NMC को Forward नहीं करता, तो आवेदक निर्धारित शर्तों और दस्तावेजों के साथ सीधे PGMEB/NMC को आवेदन दे सकता है। आयोग के अनुसार इस नई व्यवस्था का उद्देश्य संस्थानों की जवाबदेही बढ़ाना, Routine References कम करना, प्रशासनिक बोझ घटाना और वास्तविक नियामकीय मामलों का समय पर निपटारा सुनिश्चित करना है।
NMC द्वारा जारी आधिकारिक आदेश (PDF)
publicnoticemergedpgmebteq-360400यह भी पढ़ें: NMC Warning: क्या आपकी MBBS Seat भी हो सकती है रद्द? Medical Colleges को मिली सख्त चेतावनी…
दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
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