मुंबई , 15 मई 2026
भारत की प्रमुख फार्मा कंपनी Cipla ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 54.6 प्रतिशत घटकर 554.64 करोड़ रुपए रह गया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा 1,221.84 करोड़ रुपए था।
Revenue और EBITDA में भी गिरावट
स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी की ऑपरेशंस से होने वाली आय 6,541.20 करोड़ रुपए रही, जबकि एक साल पहले समान अवधि में यह 6,729.69 करोड़ रुपए थी। इस तरह कंपनी के राजस्व में 2.80 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
ऑपरेशनल प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी का EBITDA भी 38 प्रतिशत घटकर 955 करोड़ रुपए रह गया, जो पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में 1,537.6 करोड़ रुपए था।
वहीं EBITDA Margin भी घटकर 14.6 प्रतिशत पर आ गया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 22.80 प्रतिशत था।
Impairment Charge बना गिरावट की बड़ी वजह
कंपनी ने बताया कि कुछ व्यावसायिक परिस्थितियों और बाजार की बदलती गतिशीलता के कारण सहयोगी कंपनियों में 42.02 करोड़ रुपए का impairment charge दर्ज किया गया। इसी कारण मुनाफे और ऑपरेशनल प्रदर्शन पर बड़ा असर पड़ा।
सिप्ला के अनुसार यदि impairment charge का प्रभाव हटाया जाए, तो चौथी तिमाही में EBITDA 997 करोड़ रुपए होता और EBITDA Margin 15.2 प्रतिशत रहता।
शेयरधारकों को मिलेगा Dividend
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रति इक्विटी शेयर 13 रुपए के अंतिम dividend की सिफारिश की है। कंपनी ने कहा कि शेयरधारकों की मंजूरी मिलने के बाद AGM की तारीख से 30 दिनों के भीतर dividend का भुगतान कर दिया जाएगा।
इसके अलावा कंपनी ने final dividend के लिए पात्र शेयरधारकों की पहचान तय करने हेतु 5 जून 2026 को record date घोषित की है।
नतीजों के बाद शेयरों में तेजी
कमजोर तिमाही नतीजों के बावजूद शेयर बाजार में Cipla के शेयरों में तेजी देखने को मिली। खबर लिखे जाने तक दोपहर करीब 2:40 बजे कंपनी के शेयर NSE पर 3.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,338.10 रुपए पर कारोबार करते नजर आए।
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