मुंबई, 4 मई।
एफएमसीजी सेक्टर की प्रमुख कंपनी Jyothy Labs ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे जारी कर दिए हैं, जिनमें मुनाफे में गिरावट दर्ज की गई है। कंपनी के अनुसार, जनवरी-मार्च तिमाही में उसका शुद्ध लाभ (नेट प्रॉफिट) साल-दर-साल आधार पर 12.33 प्रतिशत घटकर 67.5 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 77 करोड़ रुपये था।
हालांकि, मुनाफे में गिरावट के बावजूद कंपनी की आय (रेवेन्यू) में बढ़ोतरी देखने को मिली है। ऑपरेशंस से आय 7.7 प्रतिशत बढ़कर 717 करोड़ रुपये पहुंच गई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 666 करोड़ रुपये थी।
ऑपरेटिंग प्रदर्शन पर दबाव
तिमाही के दौरान कंपनी के ऑपरेटिंग प्रदर्शन पर दबाव साफ नजर आया। ईबीआईटीडीए (EBITDA) 14 प्रतिशत घटकर 96.7 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले साल 112.3 करोड़ रुपये था। इसके साथ ही EBITDA मार्जिन भी गिरकर करीब 13 प्रतिशत पर आ गया, जबकि पिछले साल यह लगभग 17 प्रतिशत था।
डिविडेंड का ऐलान
कंपनी ने तिमाही नतीजों के साथ अपने निवेशकों को राहत देते हुए प्रति इक्विटी शेयर 3.50 रुपये के अंतिम डिविडेंड का ऐलान किया है। इसके लिए 29 जून को रिकॉर्ड डेट तय की गई है, जबकि डिविडेंड का भुगतान 14 जुलाई या उसके बाद किया जाएगा।
मैनेजमेंट का बयान
कंपनी की चेयरपर्सन और मैनेजिंग डायरेक्टर एम. आर. ज्योति ने तिमाही प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पूरे वित्त वर्ष 2026 में सेक्टर को मांग और लागत, दोनों मोर्चों पर चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
उन्होंने बताया कि साल की शुरुआत में मांग असमान रही, लेकिन दूसरे हाफ में सुधार देखने को मिला। खासतौर पर Q4 के दौरान कंपनी के पूरे पोर्टफोलियो में वॉल्यूम ग्रोथ मजबूत रही।
सेगमेंट परफॉर्मेंस और चुनौतियां
कंपनी के अनुसार, फैब्रिक केयर और पर्सनल केयर सेगमेंट ने रिकवरी में अहम भूमिका निभाई। वहीं, डिशवॉश सेगमेंट में कड़ी प्रतिस्पर्धा और आकर्षक ऑफर्स के बावजूद वॉल्यूम स्थिर बना रहा।
मैनेजमेंट ने यह भी बताया कि वित्त वर्ष के अंत में कच्चे माल की लागत में तेज बढ़ोतरी हुई, जिसका कारण क्रूड से जुड़ी महंगाई और पश्चिम एशिया में चल रहे घटनाक्रम रहे।
उन्होंने कहा कि कीमतों में संतुलित बढ़ोतरी के कदम उठाए गए हैं, लेकिन उनका पूरा असर अभी सामने नहीं आया है। ऐसे में निकट भविष्य में मार्जिन पर दबाव बने रहने की संभावना है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, ज्योति लैब्स के लिए यह तिमाही मुनाफे के लिहाज से चुनौतीपूर्ण रही, लेकिन रेवेन्यू और वॉल्यूम ग्रोथ ने कुछ हद तक संतुलन बनाए रखा है। आने वाले समय में कंपनी के लिए लागत नियंत्रण और मांग में स्थिरता अहम भूमिका निभाएगी।
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