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Supreme Court का बड़ा कदम, Hospitals के लिए बनेंगे नए Guidelines

खबर का सार

Ghaziabad में 4-year-old rape victim को कथित तौर पर timely treatment न मिलने के मामले में Supreme Court ने दो hospitals के रुख पर नाराजगी जताई। Court ने ₹12 lakh compensation और hospitals के लिए 'Must Treat' guidelines पर संकेत दिया।

Supreme Court
नई दिल्ली, 8 अगस्त 2026 Supreme Court ने Ghaziabad में 4-year-old rape victim को कथित तौर पर समय पर medical treatment नहीं मिलने और बाद में उसकी मौत के मामले में hospitals की भूमिका पर गंभीर चिंता जताई है। मामले की सुनवाई के दौरान Chief Justice Surya Kant और Justice Joymalya Bagchi तथा Justice V. Mohana की Bench ने कहा कि कानून और Supreme Court के पुराने आदेशों के बावजूद ground level पर timely medical care से जुड़े प्रावधानों का पालन नहीं हो रहा है। Court ने संकेत दिया कि वह hospitals के लिए 'Must Treat' Guidelines जारी कर सकता है, ताकि गंभीर हालत में पहुंचे मरीजों को treatment से वंचित किए जाने की स्थिति को रोका जा सके।

दो Hospitals देंगे ₹12 Lakh

मामले की सुनवाई के दौरान Ghaziabad के दो private hospitals ने Supreme Court के समक्ष बच्ची के parents को कुल ₹12 lakh देने की undertaking दी। यह राशि hospitals ने donation के रूप में देने की बात कही। मामला उस आरोप से जुड़ा है कि गंभीर रूप से घायल बच्ची को दोनों private hospitals में कथित तौर पर admission और आवश्यक medical care नहीं मिली, जिसके बाद उसे government hospital ले जाया गया, जहां doctors ने उसे मृत घोषित कर दिया। Court ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए medical institutions की accountability और critical patients को समय पर treatment देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

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Timely Treatment पर Court सख्त

Supreme Court ने सुनवाई के दौरान कहा कि ऐसे मामलों में सबसे महत्वपूर्ण बात life preservation है और law enforcement agencies तथा medical institutions दोनों की भूमिका अहम होती है। Bench ने कहा कि बच्चे को अगर तत्काल medical assistance मिली होती तो उसके बचने की संभावना हो सकती थी। Court के समक्ष यह भी कहा गया कि sexual assault के बाद बच्ची गंभीर हालत में थी और उसे treatment के लिए hospitals ले जाया गया था। Court ने यह भी संकेत दिया कि केवल compensation पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऐसे मामलों में institutional accountability सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट directions की जरूरत है।

Police के लिए भी निर्देश संभव

Supreme Court ने hospitals के साथ-साथ sexual assault मामलों में police response को लेकर भी चिंता जताई। Court ने संकेत दिया कि police को complainants के statements की video recording जैसे उपायों के संबंध में भी directions दिए जा सकते हैं। इससे पहले इसी मामले की सुनवाई में Court ने Ghaziabad Police की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे और SIT probe का आदेश दिया था। Court के अनुसार, मामले में FIR दर्ज करने और संबंधित कानूनी प्रावधानों को लागू करने में भी कथित तौर पर कमियां सामने आई थीं। अब Court का focus यह सुनिश्चित करने पर है कि sexual assault और गंभीर injury के मामलों में medical institutions तथा investigating agencies अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से पालन करें।

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दीपक अरोड़ा

पत्रकार (BAJMC ,LLB ) सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।