3 Medicos पर गंभीर आरोप
Police के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में से एक ने Pakistan से 2021 में MBBS किया था और FMG screening examination में तीन बार असफल रहा था। आरोप है कि उसने एक ऐसे व्यक्ति के माध्यम से ₹25 लाख में forged FMGE certificate हासिल किया, जो इस मामले में पहले से judicial custody में है। इसके बाद कथित तौर पर उसी certificate के आधार पर RMC Registration के लिए आवेदन किया गया। Police के अनुसार, आरोपी फिलहाल दोबारा FMG screening examination की तैयारी कर रहा था। दूसरे आरोपी ने China से 2006 से 2012 के बीच MBBS किया और 2012 में आठ बार FMG screening examination में शामिल होने के बावजूद qualify नहीं कर सका। उसने कथित तौर पर ₹29 लाख देकर forged certificate हासिल किया और RMC Registration के लिए उसका इस्तेमाल किया।यह भी पढ़ें: Supreme Court: गलत तरीके से रोकी गई MS Admission पर Doctor को राहत, Extra Seat बनाने का रास्ता खुला
Emergency Ward में मरीजों का इलाज करने का आरोप
तीसरे आरोपी ने भी Pakistan से 2021 में MBBS की थी और FMG screening examination में तीन बार असफल होने का पुलिस ने दावा किया है। जांच के अनुसार, उसके एक रिश्तेदार ने कथित तौर पर ₹26 लाख के बदले forged FMGE certificate की व्यवस्था की। इस certificate का इस्तेमाल कर उसने Udaipur Medical College में Internship पूरी की। बाद में जांचकर्ताओं को कथित तौर पर पता चला कि वह Kotputli के एक Hospital के Emergency Ward में काम कर रहा था और मरीजों का इलाज भी कर रहा था। Police का आरोप है कि उस समय उसने mandatory FMG screening examination qualify नहीं किया था और उसके पास RMC Registration भी नहीं था। मामले में यह पहलू जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है।
100 से ज्यादा FMGs जांच के दायरे में
Police के अनुसार, यह मामला केवल तीन गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं है। जांच में अब तक 100 से अधिक Foreign Medical Graduates के कथित तौर पर forged FMGE certificates हासिल करने की जानकारी सामने आई है, जबकि व्यापक मामले में 30 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। जांचकर्ताओं को संदेह है कि Foreign Medical Graduates को forged certificates उपलब्ध कराने के लिए brokers और अन्य intermediaries का एक नेटवर्क काम कर रहा था। मामला 4 फरवरी 2026 को Jaipur में cheating, forgery और criminal conspiracy समेत अन्य आरोपों के तहत दर्ज किया गया था। Police अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और कितने candidates ने कथित तौर पर forged documents का इस्तेमाल किया।यह भी पढ़ें: Raipur Medical College News: Rawatpura Sarkar Institute में 50 MBBS Seats बढ़ीं, NMC की मंजूरी
दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB ) सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।

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