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Dehradun Tilak विवाद: मेडिकल कॉलेज में छात्रों के साथ क्या हुआ? NHRC ने कई अधिकारियों को भेजा नोटिस

खबर का सार

Dehradun के Uttaranchal PG College of Bio-Medical Sciences में Tilak और Kalawa पहनने पर कथित रोक के मामले में NHRC ने संज्ञान लिया है। आयोग ने UGC, उत्तराखंड सरकार और कॉलेज प्रशासन समेत कई अधिकारियों से Action Taken Report मांगी है।

Dehradun

देहरादून, उत्तराखंड, 9 जुलाई 2026

उत्तराखंड के Dehradun स्थित Uttaranchal (P.G.) College of Bio-Medical Sciences & Hospital में छात्रों के साथ कथित धार्मिक भेदभाव के आरोपों ने नया मोड़ ले लिया है। National Human Rights Commission (NHRC) ने मामले का संज्ञान लेते हुए UGC Chairman, उत्तराखंड सरकार के संबंधित विभागों, कॉलेज प्रबंधन, जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी कर Action Taken Report (ATR) मांगी है। आयोग ने प्रथम दृष्टया माना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह छात्रों के मानवाधिकारों के उल्लंघन का मामला हो सकता है।

छात्रों ने लगाए धार्मिक भेदभाव के आरोप

मामला उस समय चर्चा में आया जब कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें Tilak, Bindi और Kalawa पहनकर कॉलेज आने से मौखिक रूप से रोका गया। आरोप यह भी है कि निर्देशों का पालन नहीं करने वाले कुछ छात्रों को अनुपस्थित दर्ज किया गया, उनके Kalawa हटवाए गए और अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए उनकी तस्वीरें ली गईं। शिकायत में यह भी कहा गया कि अन्य धार्मिक पहचान वाले परिधानों पर ऐसी रोक नहीं थी। इन आरोपों के आधार पर शिकायत NHRC तक पहुंची, जिसके बाद आयोग ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है। फिलहाल इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

NHRC ने किन-किन अधिकारियों से मांगी रिपोर्ट?

NHRC ने मामले में UGC Chairman, उत्तराखंड के Higher Education Department, Medical Education Department, कॉलेज के Principal, Dehradun के District Magistrate और Senior Superintendent of Police (SSP) को नोटिस जारी किया है। आयोग ने निर्देश दिया है कि मामले की जांच कर निर्धारित समय के भीतर विस्तृत Action Taken Report प्रस्तुत की जाए। आयोग का कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोप यदि सही पाए जाते हैं, तो यह समानता, गरिमा और धार्मिक स्वतंत्रता जैसे संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय हो सकता है।

जांच पूरी होने के बाद होगी आगे की कार्रवाई

फिलहाल NHRC ने किसी भी पक्ष को दोषी नहीं ठहराया है और मामला जांच के चरण में है। आयोग की ओर से मांगी गई रिपोर्ट मिलने के बाद तथ्यों का मूल्यांकन किया जाएगा और उसी आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। इस बीच यह मामला शिक्षा संस्थानों में धार्मिक अभिव्यक्ति, समान व्यवहार और छात्रों के अधिकारों को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट आने के बाद ही आरोपों की सत्यता और संभावित कार्रवाई की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।

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