नई दिल्ली, 15 जून 2026
National Medical Commission (NMC) के National Medical Register (NMR) को लेकर बड़ी प्रशासनिक चुनौती सामने आई है। आयोग की बैठक के विवरण के अनुसार, NMR के लिए आवेदन करने वाले Registered Medical Practitioners (RMPs) में से अब तक केवल 1,800 चिकित्सकों को ही प्रमाणपत्र जारी किए जा सके हैं, जबकि 30,000 से अधिक आवेदन State Medical Councils (SMCs) और NMC के स्तर पर सत्यापन की प्रक्रिया में लंबित हैं। इस धीमी प्रगति पर चिंता जताते हुए आयोग ने प्रक्रिया को तेज करने के लिए एक विशेष समिति गठित करने पर विचार किया है।
पंजीकरण प्रक्रिया की धीमी रफ्तार पर बढ़ी चिंता
NMC की 17वीं बैठक में National Medical Register की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में सदस्यों ने पंजीकरण प्रक्रिया की धीमी गति पर चिंता व्यक्त की और सुझाव दिया कि समस्याओं की पहचान कर समाधान सुझाने के लिए एक समिति बनाई जाए। आयोग के अनुसार NMR देशभर के आधुनिक चिकित्सा चिकित्सकों का एक केंद्रीकृत डेटाबेस है, जिसका उद्देश्य डॉक्टरों के पंजीकरण संबंधी जानकारी को एकीकृत करना है। हालांकि, मौजूदा प्रगति अपेक्षा से काफी कम रही है, जिससे परियोजना के क्रियान्वयन पर सवाल उठ रहे हैं।
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तकनीकी और सत्यापन संबंधी चुनौतियां बनीं बाधा
बैठक के दौरान प्रस्तुत जानकारी के अनुसार NMR पोर्टल के संचालन में कई व्यावहारिक चुनौतियां सामने आई हैं। इनमें स्वैच्छिक नामांकन, State Medical Registers और National Medical Register के बीच डेटा असंगतियां तथा तकनीकी बाधाएं शामिल हैं। आयोग ने माना कि इन कारणों से कार्यप्रवाह प्रभावित हुआ है और आवेदन सत्यापन की प्रक्रिया धीमी हुई है। NMC के अनुसार इन चुनौतियों का अध्ययन किया जा रहा है और सिस्टम की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदमों पर काम जारी है।
एकीकृत Registration Portal की जरूरत पर जोर
बैठक में NMC सचिव डॉ. राघव लांगर ने बताया कि वर्तमान में विभिन्न State Medical Councils अलग-अलग ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रणालियों के माध्यम से चिकित्सकों का पंजीकरण करती हैं। इससे राष्ट्रीय स्तर पर डेटा समन्वय में कठिनाई आती है। उन्होंने पूरे देश के लिए एक Common Registration Portal विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया, जिससे State Medical Register और National Medical Register के बीच Real-Time Synchronisation सुनिश्चित किया जा सके। आयोग का मानना है कि इससे सत्यापन प्रक्रिया में तेजी आएगी और लंबित मामलों के निस्तारण में मदद मिलेगी।
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NMR को मजबूत बनाने पर NMC का फोकस
National Medical Register को अगस्त 2024 में लॉन्च किया गया था। इसका उद्देश्य देशभर के पंजीकृत चिकित्सकों का एक विश्वसनीय और अद्यतन डिजिटल डेटाबेस तैयार करना है। आयोग के अध्यक्ष डॉ. अभिजात चंद्रकांत शेठ की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि NMR को प्रभावी बनाने के लिए तकनीकी सुधार, राज्यों के साथ बेहतर समन्वय और सत्यापन प्रक्रिया में तेजी लाने की आवश्यकता है। प्रस्तावित समिति इन पहलुओं की समीक्षा कर आयोग को सुझाव दे सकती है, जिससे आने वाले महीनों में पंजीकरण प्रक्रिया में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
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