नई दिल्ली, 10 जुलाई 2026
Monsoon का मौसम राहत लेकर आता है, लेकिन इसके साथ कई तरह के संक्रमणों का खतरा भी बढ़ जाता है। इन्हीं में से एक है Urinary Tract Infection (UTI)। डॉक्टरों के अनुसार बारिश के मौसम में बढ़ी हुई नमी, गीले कपड़ों में लंबे समय तक रहना, कम पानी पीना और पेशाब को देर तक रोककर रखना बैक्टीरिया के बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां पैदा करता है। समय पर पहचान और कुछ आसान सावधानियां अपनाकर इस संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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Monsoon में क्यों बढ़ता है UTI का खतरा?
विशेषज्ञों के अनुसार UTI तब होता है जब बैक्टीरिया Urinary Tract में प्रवेश कर बढ़ने लगते हैं। बारिश के मौसम में अधिक नमी और गीले कपड़ों के कारण बैक्टीरिया तेजी से पनप सकते हैं। इसके अलावा ठंडे मौसम में कई लोग कम पानी पीते हैं, जिससे बार-बार पेशाब नहीं आता और बैक्टीरिया शरीर से बाहर नहीं निकल पाते। डॉक्टर सलाह देते हैं कि बारिश में भी पर्याप्त पानी पीना, गीले कपड़े तुरंत बदलना और Personal Hygiene का ध्यान रखना संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी है।
इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
UTI के शुरुआती लक्षणों में पेशाब करते समय जलन, बार-बार पेशाब आने की इच्छा, कम मात्रा में पेशाब आना, बदबूदार या धुंधला Urine और पेट के निचले हिस्से में दर्द शामिल हैं। कुछ मामलों में बुखार भी आ सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि यदि संक्रमण का समय पर इलाज न कराया जाए तो यह Bladder से बढ़कर Kidney तक पहुंच सकता है, जिससे गंभीर जटिलताएं पैदा हो सकती हैं। इसलिए लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा लेने के बजाय डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
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किन लोगों को अधिक खतरा और कैसे करें बचाव?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार महिलाओं, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, Diabetes के मरीजों और कमजोर Immunity वाले लोगों में UTI का खतरा अधिक होता है। बचाव के लिए पर्याप्त पानी पीना, पेशाब को लंबे समय तक न रोकना, गीले कपड़े तुरंत बदलना, साफ-सफाई बनाए रखना और Cotton के आरामदायक Undergarments पहनना फायदेमंद माना जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि समय पर इलाज और सही सावधानियां अपनाकर Monsoon के दौरान UTI के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
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