आमतौर पर माना जाता है कि गर्मियों में धूप में समय बिताने से शरीर में Vitamin D की कमी पूरी हो जाती है। लेकिन European Journal of Clinical Nutrition में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन ने इस धारणा को चुनौती दी है। Newcastle University के विशेषज्ञों के नेतृत्व में किए गए इस शोध में पाया गया कि high-risk समूहों में गर्मियों की धूप भी Vitamin D स्तर को सुधारने में पूरी तरह प्रभावी नहीं रही।
इस अध्ययन के अनुसार कई लोग पूरे वर्ष कम Vitamin D स्तर के साथ जीते रहते हैं और उन्हें इसका पता भी नहीं चलता। यह स्थिति हड्डियों के स्वास्थ्य, सामान्य शारीरिक विकास और दीर्घकालिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है।
गर्मियों में भी नहीं दिखा सुधार
Newcastle University के Human Nutrition and Exercise Research Centre द्वारा किए गए इस अध्ययन में उत्तरी ब्रिटेन के लगभग 300 लोगों के Vitamin D स्तर का विश्लेषण किया गया। इसमें 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों और विभिन्न अल्पसंख्यक जातीय पृष्ठभूमि के लोगों को शामिल किया गया था।
निष्कर्षों में पाया गया कि दोनों समूहों में Vitamin D की कमी व्यापक रूप से मौजूद थी। आधे से अधिक बुजुर्ग इस कमी से प्रभावित थे, जबकि अल्पसंख्यक जातीय समूह में यह स्थिति और भी गंभीर थी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि गर्मियों के महीनों में भी Vitamin D स्तर में कोई खास सुधार नहीं देखा गया।
धूप अकेले पर्याप्त नहीं
Newcastle University के Professor Bernard Corfe ने कहा कि गर्मियों में भी Vitamin D स्तर में सुधार न देखना आश्चर्यजनक है। उनके अनुसार उत्तरी इंग्लैंड जैसे क्षेत्रों में केवल sunlight पर्याप्त नहीं होती, विशेष रूप से बुजुर्गों और गहरे रंग की त्वचा वाले लोगों के लिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि high-risk समूह यह नहीं मान सकते कि सिर्फ बाहर समय बिताने से Vitamin D की कमी पूरी हो जाएगी।
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स्वास्थ्य पर गंभीर असर
Vitamin D शरीर में calcium absorption और हड्डियों की मजबूती के लिए आवश्यक है। इसकी कमी से osteoporosis, rickets और कमजोर immune system जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार त्वचा का रंग (melanin), उम्र और भौगोलिक स्थिति ऐसे प्रमुख कारक हैं जो शरीर की Vitamin D बनाने की क्षमता को प्रभावित करते हैं।
लक्षित स्वास्थ्य कदमों की जरूरत
अध्ययन में सुझाव दिया गया है कि public health systems को अधिक targeted approach अपनानी चाहिए। इसमें GP appointments के दौरान जांच और जरूरत पड़ने पर Vitamin D supplementation शामिल किया जा सकता है। शोधकर्ताओं ने आगे कहा है कि भविष्य में व्यक्तिगत और सांस्कृतिक रूप से उपयुक्त आहार सलाह के माध्यम से Vitamin D स्तर सुधारने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
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