Uttar Pradesh में सरकारी Medical Colleges, संस्थानों और Medical Universities में प्रशिक्षण ले रहे MBBS-BDS Interns के लिए बड़ी खबर है। राज्य Cabinet ने Interns के मासिक Stipend को बढ़ाकर ₹25,000 करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इससे पहले MBBS और BDS Interns को करीब ₹12,000 से ₹12,800 प्रति माह Stipend मिल रहा था। नए फैसले से राज्य के सरकारी Medical Institutions में प्रशिक्षण ले रहे करीब 3,928 छात्रों को लाभ मिलेगा। यह निर्णय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई Cabinet बैठक में लिया गया।
Stipend में हुआ बड़ा इजाफा
सरकार के इस फैसले के बाद Interns को मिलने वाला Stipend मौजूदा राशि की तुलना में दोगुने से अधिक हो जाएगा। वर्ष 2021 में Uttar Pradesh सरकार ने Interns का Stipend ₹7,500 से बढ़ाकर ₹12,000 किया था। अब इसे बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह कर दिया गया है। Medical Education से जुड़े नियमों के अनुसार MBBS छात्रों के लिए एक वर्ष की Compulsory Internship जरूरी होती है। इस दौरान सरकारी Medical Colleges में प्रशिक्षण लेने वाले छात्रों को सरकार की ओर से Stipend दिया जाता है, जबकि निजी संस्थानों में यह संबंधित संस्थान द्वारा दिया जाता है। Stipend बढ़ाने के फैसले से सरकारी संस्थानों में प्रशिक्षण लेने वाले छात्रों को सीधे आर्थिक लाभ मिलेगा।
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Interns के प्रदर्शन के बाद फैसला
Stipend बढ़ाने का फैसला ऐसे समय में आया है जब Uttar Pradesh के कई सरकारी Medical Colleges के MBBS Interns लंबे समय से राशि बढ़ाने की मांग कर रहे थे। रिपोर्ट के अनुसार 22 अगस्त को King George’s Medical University (KGMU) में Interns ने प्रदर्शन भी किया था। इस प्रदर्शन में KGMU के अलावा Ram Manohar Lohia Institute of Medical Sciences, Lucknow, BRD Medical College, Gorakhpur और Lala Lajpat Rai Medical College, Meerut समेत अन्य संस्थानों के Interns शामिल हुए थे। Interns का कहना था कि मौजूदा Stipend उनके काम के बोझ और जिम्मेदारियों की तुलना में कम था।
Medical fraternity ने किया फैसले का स्वागत
राज्य सरकार के Stipend बढ़ाने के फैसले का Medical fraternity के विभिन्न संगठनों ने स्वागत किया है। Resident Doctors’ Association Trust UP के अध्यक्ष डॉ. शुभांशु ने फैसले को Interns के लिए महत्वपूर्ण बताया और कहा कि संगठन ने राज्यभर के Interns के साथ संपर्क में रहते हुए उनकी मांग को आगे बढ़ाया था। Doctors Welfare Federation Uttar Pradesh ने भी सोशल मीडिया पर फैसले का स्वागत किया। Indian Medical Association Junior Doctors’ Network ने भी Uttar Pradesh सरकार के निर्णय की सराहना करते हुए अन्य राज्यों की सरकारों से भी Medical Interns के Stipend में वृद्धि करने का आग्रह किया।
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पृष्ठभूमि में क्या है?
Uttar Pradesh में Interns के Stipend को बढ़ाने की मांग पिछले कुछ समय से उठती रही है। Medical Dialogues की रिपोर्ट के अनुसार राज्य के Interns वर्ष 2024 से इस मुद्दे को लेकर अपनी मांग सामने रखते रहे हैं। उनका कहना था कि Internship के दौरान मरीजों की देखभाल और अस्पताल की सेवाओं में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने के बावजूद मौजूदा Stipend पर्याप्त नहीं था। अब Cabinet की मंजूरी के बाद सरकारी Medical Colleges और Medical Universities में प्रशिक्षण लेने वाले पात्र Interns को ₹25,000 प्रति माह Stipend मिलेगा। यह निर्णय राज्य में Medical Internship से जुड़े छात्रों के लिए आर्थिक सहायता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
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