नई दिल्ली, 25 अगस्त 2026
Government Medical College में MBBS Seat दिलाने के नाम पर कथित दाखिला घोटाले का मामला सामने आया है। एक जांच के अनुसार, कुछ Admission Agents ने NEET Rank कम होने के बावजूद पश्चिम बंगाल, राजस्थान और अन्य राज्यों के Government Medical Colleges में MBBS Admission कराने का दावा किया। कथित तौर पर इसके लिए अभ्यर्थियों से ₹18 लाख तक की रकम मांगी गई। जांच में Fake Domicile Documents और NRI Sponsorship के जरिए अर्हता हासिल कराने के दावों की भी बात सामने आई है। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब NEET Counselling के जरिए Government Medical Colleges में MBBS Admission के लिए Merit और निर्धारित नियम लागू होते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, जांचकर्ताओं ने इन दावों की पड़ताल के लिए कई राज्यों में Agents और कॉलेज प्रतिनिधियों से संपर्क किया।
50 से ज्यादा Agents से संपर्क का दावा
रिपोर्ट के अनुसार, जांच के दौरान चार अंडरकवर पत्रकारों ने कम NEET Score वाले अभ्यर्थियों के रूप में पांच राज्यों में 50 से ज्यादा Admission Agents और कॉलेज प्रतिनिधियों से संपर्क किया। जांच में पश्चिम बंगाल से जुड़े एक Agent ने कथित तौर पर दावा किया कि वह ₹18 लाख में Government Medical College की MBBS Seat दिला सकता है और इसके लिए अभ्यर्थी की NEET Rank महत्वपूर्ण नहीं होगी। Agent ने कथित तौर पर पश्चिम बंगाल के 11 Government Medical Colleges से संपर्क होने का दावा किया और Counselling के दूसरे दौर तक इंतजार करने की बात कही। हालांकि, ये सभी दावे संबंधित Agents के बताए गए थे और रिपोर्ट में इनके आधार पर किसी Government Medical College द्वारा सीट बेचने की पुष्टि नहीं की गई है।
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Fake Domicile से State Quota में दाखिले का दावा
कथित MBBS Admission Scam में सबसे गंभीर आरोप Fake Domicile Documents तैयार कराने से जुड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ Agents ने दूसरे राज्यों के अभ्यर्थियों को पश्चिम बंगाल का निवासी दिखाने के लिए Address Proof और अन्य दस्तावेज तैयार कराने का दावा किया। एक Agent ने कथित तौर पर अभ्यर्थी की मां को पश्चिम बंगाल का निवासी दिखाने के लिए वहां जमीन और Address Documents का इस्तेमाल करने की बात कही। इसके अलावा NRI Quota के जरिए Admission कराने के लिए ₹1.5 करोड़ तक की रकम मांगे जाने का भी दावा किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि कथित तौर पर अभ्यर्थी से पहले NEET Score, Rank, Category और निवास स्थान जैसी जानकारी ली जाती थी और इसके बाद Admission का रास्ता सुझाया जाता था।
Bihar,West Bengal, Rajasthan और अन्य राज्यों तक नेटवर्क
जांच के दौरान पटना में एक अन्य Admission Agent से भी संपर्क किया गया, जिसने कथित तौर पर पश्चिम बंगाल और राजस्थान के Government Medical Colleges में Admission कराने का दावा किया। रिपोर्ट के मुताबिक, इस Agent ने राजस्थान में NRI Quota के जरिए Admission कराने की बात कही और 430 अंक वाले अभ्यर्थी के लिए भी Government Medical College में Admission संभव होने का दावा किया। इसके लिए ₹10 लाख कथित तौर पर सेटिंग और ₹5 लाख Documents तैयार करने के लिए मांगे जाने की बात सामने आई। Agent ने भारत के अलावा नेपाल और रूस के Medical Colleges में भी Admission कराने का दावा किया। जांच में पटना के छह से अधिक Agents के साथ बातचीत के दौरान कई राज्यों के Medical Colleges से कथित संपर्क की बातें सामने आने की जानकारी दी गई।
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कथित Admission Scam में भुगतान भी अलग-अलग चरणों में लेने की बात सामने आई। ₹18 लाख वाले कथित पश्चिम बंगाल सौदे में ₹2 लाख अग्रिम, Documents तैयार होने के बाद ₹2 लाख और सत्यापन के बाद ₹2 लाख लेने की बात कही गई, जबकि बाकी रकम Admission के समय लेने का दावा किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, जांचकर्ताओं ने पटना से दार्जिलिंग तक करीब 600 किलोमीटर की यात्रा कर North Bengal Medical College में भी Admission प्रक्रिया से जुड़े दावों की पड़ताल की। वहां एक काउंसलर ने कथित तौर पर कहा कि कॉलेज में Documents की जांच नियमों के अनुसार की जाती है और कॉलेज के पास नियमों से बाहर किसी भी Document को स्वीकार या अस्वीकार करने का अधिकार नहीं है।
West Bengal में State Quota की हजारों MBBS Seats
रिपोर्ट में पश्चिम बंगाल के Government Medical Colleges की सीट व्यवस्था का भी उल्लेख किया गया है। राज्य में 25 Government Medical Colleges में 4,000 से अधिक MBBS Seats होने की जानकारी दी गई है, जिनमें करीब 85 प्रतिशत यानी 3,400 से अधिक Seats State Quota के तहत आती हैं। कथित तौर पर इसी State Quota में अर्हता हासिल कराने के नाम पर Admission Agents अभ्यर्थियों को दूसरे राज्य से पश्चिम बंगाल का Domicile दिखाने का रास्ता बताने का दावा कर रहे थे। इस कथित MBBS Admission Scam में Documents के सत्यापन और Counselling प्रक्रिया का इस्तेमाल Admission हासिल करने के लिए किए जाने की बात सामने आई है।
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दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
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