कार, बस या ट्रेन में सफर के दौरान कई लोगों को जी मिचलाने, चक्कर आने और उल्टी जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है। इस स्थिति को मेडिकल भाषा में Motion Sickness कहा जाता है। यह समस्या तब हो सकती है, जब आंखों और शरीर के संतुलन से जुड़े आंतरिक तंत्र से दिमाग को अलग-अलग संकेत मिलते हैं। ऐसी स्थिति में व्यक्ति को बेचैनी, ठंडा पसीना, सिरदर्द और थकान भी महसूस हो सकती है। हालांकि, कुछ सावधानियां अपनाकर सफर के दौरान होने वाली इस परेशानी को कम करने में मदद मिल सकती है।
Motion Sickness क्यों होती है?
सफर के दौरान शरीर के अलग-अलग हिस्से दिमाग को गति से जुड़ी अलग-अलग जानकारी भेजते हैं। उदाहरण के लिए, यदि कोई व्यक्ति चलती कार या बस में बैठकर Phone चलाता है या किताब पढ़ता है, तो आंखों को ऐसा महसूस हो सकता है कि शरीर एक ही स्थान पर स्थिर है। वहीं, कान के अंदर मौजूद संतुलन तंत्र वाहन की गति और झटकों को महसूस करता है। जब इन संकेतों में तालमेल नहीं बनता, तो दिमाग को गति की स्थिति समझने में कठिनाई हो सकती है। इसी कारण जी मिचलाना, चक्कर आना और उल्टी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
यह भी पढ़ें: Dehydration में क्या पीना सबसे सही? ORS, Coconut Water और Energy Drinks पर Expert की राय
![]()
ये हो सकते हैं लक्षण
Motion Sickness के लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं। आमतौर पर इसमें Nausea, उल्टी या उल्टी जैसा महसूस होना, चक्कर आना और ठंडा पसीना आना शामिल है। कुछ लोगों की त्वचा पीली पड़ सकती है या मुंह में सामान्य से अधिक लार बन सकती है। इसके अलावा सिरदर्द, भारीपन, थकान, सुस्ती और बेचैनी भी महसूस हो सकती है। कुछ मामलों में व्यक्ति तेज-तेज सांस लेने लगता है। यदि सफर के दौरान ये लक्षण बार-बार या अधिक गंभीर रूप में दिखाई दें, तो कारण की सही पहचान के लिए डॉक्टर से सलाह लेना उचित हो सकता है।
सफर से पहले क्या करें?
सफर पर निकलने से पहले बहुत अधिक तला-भुना, मसालेदार या भारी भोजन करने से बचना उपयोगी हो सकता है। यात्रा से कुछ समय पहले हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन लिया जा सकता है। वहीं, पूरी तरह खाली पेट सफर करने से भी कुछ लोगों को असहजता महसूस हो सकती है। यात्रा से ठीक पहले अधिक मात्रा में चाय या Coffee लेने से बचने की सलाह दी जाती है। सफर के दौरान पर्याप्त ताजी हवा मिलना भी मददगार हो सकता है। यदि किसी व्यक्ति को अक्सर यह समस्या होती है, तो यात्रा से पहले डॉक्टर से उचित सलाह लेना बेहतर विकल्प हो सकता है।
![]()
यात्रा के दौरान रखें ध्यान
कार या बस में यात्रा के दौरान आगे की सीट पर बैठना और दूर किसी स्थिर बिंदु या क्षितिज की ओर देखना कुछ लोगों के लिए मददगार हो सकता है। ट्रेन में यात्रा की दिशा की ओर मुंह करके बैठने से भी असहजता कम हो सकती है। सफर के दौरान लगातार Phone चलाने या किताब पढ़ने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे आंखों और शरीर के संतुलन तंत्र से मिलने वाले संकेतों में अंतर बढ़ सकता है। तेज गंध से दूर रहना और ताजी हवा लेते रहना भी उपयोगी हो सकता है। अदरक, पुदीना या सौंफ जैसी चीजें कुछ लोगों को राहत दे सकती हैं, लेकिन इनके प्रभाव व्यक्ति के अनुसार अलग हो सकते हैं।
यह भी पढ़ें: World Hepatitis Day: Hepatitis के ये Warning Signs भूलकर भी न करें Ignore, कब तुरंत Doctor के पास जाएं?
दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
Discussion about this post