राजस्थान, 29 जुलाई 2026
AIIMS Jodhpur ने MCh Neurosurgery Graduate द्वारा लगाए गए Ragging और Academic Harassment के आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हुए इन आरोपों को खारिज कर दिया है। संस्थान ने कहा कि यह मामला वर्तमान में न्यायालय में लंबित (Sub Judice) है, इसलिए इस पर सार्वजनिक रूप से विस्तृत टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। AIIMS Jodhpur का कहना है कि संस्थान सभी मामलों में निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करता है तथा बिना किसी तथ्यात्मक आधार के लगाए गए आरोपों को स्वीकार नहीं किया जा सकता। यह बयान उस विवाद के बाद आया है जिसमें एक पूर्व छात्र ने रैगिंग की शिकायत के बाद अकादमिक उत्पीड़न और परीक्षा में जानबूझकर असफल किए जाने के आरोप लगाए थे।
संस्थान ने आरोपों को बताया निराधार
AIIMS Jodhpur ने अपने पक्ष में कहा कि संस्थान की सभी शैक्षणिक और प्रशासनिक प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों के अनुरूप संचालित होती हैं। संस्थान का कहना है कि छात्र द्वारा लगाए गए आरोप तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं और संबंधित विवाद पहले से ही न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है। AIIMS ने यह भी स्पष्ट किया कि न्यायालय में विचाराधीन मामले पर सार्वजनिक टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। संस्थान ने संकेत दिया कि वह कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करते हुए अपना पक्ष सक्षम न्यायालय के समक्ष रखेगा और उसी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई होगी।
यह भी पढ़ें: AIIMS Jodhpur में Ragging Complaint के बाद Doctor ने लगाए गंभीर आरोप…
![]()
क्या हैं पूर्व छात्र के आरोप?
इससे पहले MCh Neurosurgery Graduate ने आरोप लगाया था कि वर्ष 2021 में रैगिंग की शिकायत दर्ज कराने के बाद उन्हें विभागीय स्तर पर अकादमिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। उनका दावा था कि उन्हें लगातार तीन बार परीक्षा में जानबूझकर असफल किया गया और बाद में स्वतंत्र बाहरी मूल्यांकन के बाद ही वे परीक्षा पास कर सके। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि परीक्षा मूल्यांकन और Internal Assessment में अनियमितताएं हुईं। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि किसी स्वतंत्र जांच या न्यायालय के अंतिम निर्णय से नहीं हुई है और मामला फिलहाल न्यायालय में लंबित है।
![]()
Court के फैसले पर टिकी आगे की नजर
AIIMS Jodhpur और पूर्व छात्र के दावों के बीच विवाद अब न्यायिक प्रक्रिया में है। ऐसे में मामले के तथ्यों और आरोपों पर अंतिम निर्णय सक्षम न्यायालय द्वारा ही लिया जाएगा। फिलहाल संस्थान ने अपने आधिकारिक बयान में आरोपों को खारिज करते हुए न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा जताया है। दूसरी ओर, पूर्व छात्र अपने आरोपों पर कायम हैं। इस कारण मामले को लेकर सभी पक्षों की नजर अब न्यायालय की आगामी कार्यवाही और फैसले पर बनी हुई है।
News items have been published in newspapers and on social media platforms reporting allegations raised by a former student. AIIMS Jodhpur has a robust anti-ragging system, and as per Institute records, no ragging complaint was made by the student during his tenure — the…
— AIIMS Jodhpur (@aiims_jodhpur) July 28, 2026
यह भी पढ़ें: Rajasthan Medical Council: आखिर क्यों History-Sheeter डॉक्टर का Registration हमेशा के लिए रद्द हुआ?
दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
Discussion about this post