उत्तर प्रदेश, 29 जुलाई 2026
Saharanpur के एसबीडी जिला अस्पताल में पिछले छह महीनों के दौरान भर्ती हुए 5,737 मरीजों के अस्पताल से बाहर जाने का स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं मिलने से स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। अस्पताल के रिकॉर्ड में इन मरीजों के Discharge या Referral की जानकारी दर्ज नहीं है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि मरीज अस्पताल से किस स्थिति में बाहर गए। मामले ने अस्पताल की रिकॉर्ड प्रबंधन प्रणाली और वार्डों की निगरानी व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि रिकॉर्ड की समीक्षा की जा रही है और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
25 हजार से ज्यादा भर्ती, 5737 मरीजों का नहीं मिला विवरण
अस्पताल के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 1 जनवरी 2026 से 30 जून 2026 के बीच Medicine, Surgery, Ortho, Eye, ENT, Psychiatry सहित विभिन्न वार्डों में 25,472 मरीज भर्ती किए गए। इनमें से 5,737 मरीजों के बारे में रिकॉर्ड में यह उल्लेख नहीं है कि उन्हें Discharge किया गया, किसी अन्य अस्पताल में Refer किया गया या वे बिना सूचना अस्पताल छोड़कर चले गए। महीनेवार आंकड़ों के अनुसार जनवरी में 604, फरवरी में 1,205, मार्च में 1,365, अप्रैल में 1,096, मई में 770 और जून में 697 मरीजों के अस्पताल छोड़ने का स्पष्ट रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।
यह भी पढ़ें: Saharanpur जिला अस्पताल में हड़ताल: Salary रुकी, सफाई व्यवस्था चरमराई…
![]()
सुविधाओं की कमी भी बन रही चुनौती
अस्पताल में कई जरूरी विशेषज्ञ सेवाओं की कमी भी बनी हुई है। Ultrasound जांच फिलहाल एक ही Radiologist के भरोसे संचालित हो रही है, जबकि Cardiologist के पद पर नियमित तैनाती नहीं है। ऐसे में कई बार मरीजों को बेहतर उपचार के लिए निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। हाल के दिनों में एक मरीज को निजी अस्पताल भेजे जाने का मामला भी चर्चा में रहा, जिसकी जांच जारी है। हालांकि, उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर यह कहना संभव नहीं है कि 5,737 मरीजों के मामले में वास्तविक कारण क्या रहे।
![]()
Discussion about this post