जोधपुर, 27 जुलाई 2026
AIIMS Jodhpur से MCh Neurosurgery की पढ़ाई पूरी कर चुके डॉक्टर डॉ. विक्रांत शर्मा ने संस्थान में Ragging की शिकायत करने के बाद अकादमिक उत्पीड़न का सामना करने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि वर्ष 2021 में एक वरिष्ठ रेजिडेंट के खिलाफ Ragging की शिकायत दर्ज कराने के बाद विभाग के कुछ वरिष्ठ चिकित्सकों का रवैया उनके प्रति बदल गया और उन्हें लगातार तीन बार अंतिम परीक्षा में असफल घोषित किया गया। हालांकि चौथे प्रयास में उन्होंने परीक्षा उत्तीर्ण कर डिग्री प्राप्त कर ली। यह मामला हाल ही में AIIMS Jodhpur के दीक्षांत समारोह के दौरान उनके सार्वजनिक बयान के बाद फिर चर्चा में आ गया है।
दीक्षांत समारोह में उठाई न्याय की मांग
दीक्षांत समारोह के दौरान डॉ. विक्रांत शर्मा ने डिग्री प्राप्त करने के बाद मंच से कहा कि उन्हें डिग्री तो मिल गई, लेकिन अब भी न्याय नहीं मिला है। इससे पहले उन्होंने प्रेस वार्ता में भी आरोप लगाया था कि Ragging की शिकायत के बाद उन्हें जानबूझकर तीन बार परीक्षा में असफल किया गया। उनका कहना है कि बाद में स्वतंत्र निगरानी में हुई परीक्षा में वे सफल रहे और उनका मानना है कि यदि निष्पक्ष मूल्यांकन होता तो उन्हें पहली ही बार उत्तीर्ण होना चाहिए था। इन आरोपों को लेकर संस्थान की ओर से विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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RTI और कानूनी प्रक्रिया भी बनी विवाद का हिस्सा
मामले को लेकर डॉ. विक्रांत शर्मा ने पहले भी परीक्षा मूल्यांकन और आंतरिक आकलन से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने के लिए RTI का सहारा लिया था। इस संबंध में कई अपीलें और सूचना आयोग की कार्यवाही भी रिकॉर्ड पर मौजूद हैं। उपलब्ध दस्तावेजों से यह स्पष्ट है कि उन्होंने मूल्यांकन प्रक्रिया और परीक्षा परिणामों को लेकर सवाल उठाए थे। हालांकि इन कार्यवाहियों से उनके आरोपों की पुष्टि या खंडन नहीं होता और मामले पर किसी सक्षम न्यायिक अथवा वैधानिक प्राधिकरण की अंतिम निष्कर्षात्मक टिप्पणी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।
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Ragging पर फिर उठे संस्थागत जवाबदेही के सवाल
इस प्रकरण के सामने आने के बाद मेडिकल संस्थानों में Ragging, निष्पक्ष मूल्यांकन और संस्थागत जवाबदेही को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी शिकायतों की स्वतंत्र और पारदर्शी जांच आवश्यक है ताकि छात्रों और रेजिडेंट डॉक्टरों का विश्वास बना रहे। AIIMS Jodhpur में इससे पहले भी Ragging से जुड़े कुछ मामलों में प्रशासनिक कार्रवाई की जा चुकी है, लेकिन मौजूदा मामले में लगाए गए आरोपों पर संबंधित संस्थान की विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
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दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
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