चंडीगढ़, 23 जुलाई 2026
भारत की अध्यक्षता में आयोजित BRICS स्वास्थ्य मंत्रिस्तरीय बैठकों के अंतर्गत बुधवार को चंडीगढ़ में वरिष्ठ अधिकारियों (Senior Officials) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्घाटन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि विस्तारित BRICS समूह वैश्विक स्वास्थ्य के भविष्य को Innovation और Consensus-based Solutions के माध्यम से नई दिशा देने का अभूतपूर्व अवसर प्रदान करता है। भारत ने लचीली, समावेशी और न्यायसंगत स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने के लिए BRICS Health Track के तहत 9 प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान भी प्रस्तुत की।
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वैश्विक स्वास्थ्य सहयोग पर जोर
बैठक को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने कहा कि चंडीगढ़ का नवाचार, स्थिरता और सुव्यवस्थित विकास का दृष्टिकोण भारत की BRICS अध्यक्षता की थीम “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” को प्रतिबिंबित करता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियां पहले की तुलना में अधिक जटिल और परस्पर जुड़ी हुई हैं। ऐसे में सदस्य देशों के बीच मजबूत सहयोग, समन्वय और साझा प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि विस्तारित BRICS समूह विश्व की बड़ी आबादी, वैज्ञानिक विशेषज्ञता और विनिर्माण क्षमता का प्रतिनिधित्व करता है, जिससे वैश्विक स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रभावी और दीर्घकालिक समाधान विकसित किए जा सकते हैं।
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भारत के 9 Priority Areas
स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि भारत ने BRICS Health Track के अंतर्गत नौ प्रमुख प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की है। इनमें स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करना, भविष्य की स्वास्थ्य आपात स्थितियों के लिए निगरानी प्रणाली और प्रयोगशाला नेटवर्क को सुदृढ़ बनाना, Digital Health Technologies का विस्तार, Traditional Medicine का स्वास्थ्य सेवाओं में एकीकरण, नियामक ढांचे को मजबूत करना, कुशल स्वास्थ्य कार्यबल तैयार करना, सहयोगात्मक अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देना तथा आवश्यक दवाओं और चिकित्सा उत्पादों तक समय पर, किफायती और समान पहुंच सुनिश्चित करना शामिल है। उन्होंने BRICS Mission for Healthy Lifestyle और मानसिक स्वास्थ्य के लिए प्रस्तावित BRICS Network of Centres of Excellence को भी भारत की प्रमुख पहलों के रूप में प्रस्तुत किया।
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घोषणापत्र पर मंथन
बैठक के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने BRICS Health Ministers’ Declaration को अंतिम रूप देने पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। प्रतिनिधियों ने प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, Universal Health Coverage, Digital Health, सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थितियों की तैयारी, Antimicrobial Resistance (AMR) से निपटने, दवा सहयोग बढ़ाने, गुणवत्तापूर्ण एवं किफायती चिकित्सा उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा स्वास्थ्य अनुसंधान और पारंपरिक चिकित्सा में सहयोग बढ़ाने जैसे विषयों पर चर्चा की। सभी सदस्य देशों ने ज्ञान साझा करने, क्षमता निर्माण, अनुसंधान सहयोग और तकनीकी आदान-प्रदान को मजबूत करने की आवश्यकता पर सहमति जताई, ताकि स्वास्थ्य से जुड़े Sustainable Development Goals (SDGs) की दिशा में सामूहिक प्रगति सुनिश्चित की जा सके।
भारत की Health Innovations प्रदर्शित
बैठक के अवसर पर स्वास्थ्य सचिव ने FSSAI, National Health Authority (NHA) और आयुष मंत्रालय के प्रदर्शनी मंडपों का उद्घाटन भी किया। इन प्रदर्शनों में भारत की खाद्य सुरक्षा, Digital Health, पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों और एकीकृत स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी प्रमुख पहलों को प्रदर्शित किया गया। प्रतिनिधियों को भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे तकनीकी और नीतिगत नवाचारों की जानकारी दी गई। इसके साथ ही परमाणु चिकित्सा (Nuclear Medicine) और BRICS Vaccine Research and Development Centre के सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।
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दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
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