नई दिल्ली, 16 जुलाई 2026
Delhi Court ने एक अहम फैसले में स्पष्ट किया है कि किसी अस्पताल के Hospital Director को केवल उसके पद के आधार पर आपराधिक मामले में आरोपी नहीं बनाया जा सकता। Delhi Court ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की Criminal Liability तभी तय की जा सकती है, जब उसके खिलाफ घटना में प्रत्यक्ष भूमिका, लापरवाही या आपराधिक मंशा से जुड़े ठोस साक्ष्य मौजूद हों। इसी आधार पर Delhi Court ने ट्रायल कोर्ट द्वारा दो Hospital Directors के खिलाफ जारी Summoning Order को रद्द कर दिया।
Delhi Court ने क्या कहा?
Delhi Court के Additional Sessions Judge Ashish Rastogi ने अपने आदेश में कहा कि केवल Hospital Director का पद संभालना किसी व्यक्ति को स्वतः आपराधिक रूप से जिम्मेदार नहीं बनाता। अदालत ने कहा कि भारतीय कानून में Vicarious Liability सीमित परिस्थितियों में ही लागू होती है और इसके लिए स्पष्ट कानूनी आधार आवश्यक है। Delhi Court के अनुसार, यदि किसी Hospital Director की मरीज के उपचार या कथित लापरवाही में व्यक्तिगत भूमिका साबित नहीं होती, तो उसके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई नहीं की जा सकती।
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Patient Death Case में क्यों मिली राहत?
यह मामला एक मरीज की मौत के बाद दर्ज आपराधिक शिकायत से जुड़ा था। ट्रायल कोर्ट ने अस्पताल के दो Hospital Directors को भी आरोपी बनाते हुए Summoning Order जारी किया था। इस आदेश को चुनौती दिए जाने पर Delhi Court ने पूरे रिकॉर्ड की समीक्षा की। अदालत ने पाया कि उपलब्ध दस्तावेजों में ऐसा कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं है, जिससे यह साबित हो कि दोनों Hospital Directors ने मरीज के उपचार से जुड़े किसी निर्णय में भाग लिया था या कथित लापरवाही में उनकी व्यक्तिगत भूमिका थी। इसी आधार पर Delhi Court ने उनके खिलाफ जारी Summoning Order को निरस्त कर दिया।
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Medical Negligence मामलों पर क्या असर पड़ेगा?
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार Delhi Court का यह फैसला Medical Negligence और Corporate Hospital से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है। Delhi Court ने स्पष्ट किया कि किसी Hospital Director के खिलाफ केवल पद के आधार पर Criminal Proceedings शुरू नहीं की जा सकती। यदि किसी Director पर कार्रवाई करनी है, तो जांच एजेंसियों को उसके खिलाफ प्रत्यक्ष भूमिका या लापरवाही के ठोस साक्ष्य प्रस्तुत करने होंगे। माना जा रहा है कि Delhi Court का यह फैसला भविष्य में Hospital Management से जुड़े आपराधिक मामलों की सुनवाई में महत्वपूर्ण संदर्भ बनेगा।
कोर्ट का आधिकारिक आदेश (PDF) नीचे उपलब्ध है।
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दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
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