नई दिल्ली, 10 जुलाई 2026
केंद्र सरकार ने 12 प्रतिशत से अधिक Ethyl Alcohol (v/v) वाली Oral Medicines की बिक्री को लेकर नियम कड़े कर दिए हैं। अब ऐसी दवाएं Schedule H1 के तहत आएंगी और इन्हें केवल Registered Medical Practitioner के वैध Prescription पर ही बेचा जा सकेगा। सरकार का कहना है कि यह कदम दवाओं के दुरुपयोग को रोकने, Self-medication पर नियंत्रण रखने और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
किन दवाओं पर लागू होंगे नए नियम
नए नियम उन Oral Medicines पर लागू होंगे जिनमें 12% से अधिक Ethyl Alcohol हो और जिन्हें 30 ml से बड़े पैक या बोतलों में बेचा जाता है। इन दवाओं को अब सामान्य रूप से Over-the-Counter नहीं खरीदा जा सकेगा। Chemist को इन्हें बेचने के लिए डॉक्टर का वैध Prescription देखना होगा और Schedule H1 से जुड़े सभी नियामकीय प्रावधानों का पालन करना होगा।
Schedule H1 का क्या मतलब है?
Schedule H1 के तहत आने वाली दवाओं की बिक्री पर विशेष निगरानी रखी जाती है। Retailers को ऐसी दवाओं की बिक्री का अलग रिकॉर्ड रखना होता है और दवा की पैकेजिंग पर निर्धारित चेतावनी (Warning Label) भी अनिवार्य होती है। सरकार का मानना है कि इससे दवाओं की अनियंत्रित बिक्री और संभावित दुरुपयोग को रोकने में मदद मिलेगी।
क्यों लिया गया यह फैसला?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ लंबे समय से Alcohol युक्त दवाओं के गलत इस्तेमाल और बिना चिकित्सकीय सलाह के सेवन को लेकर चिंता जता रहे थे। सरकार के अनुसार नए नियम दवाओं की सुरक्षित बिक्री, Prescription Monitoring और Supply Chain में जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इससे मरीजों को उचित चिकित्सकीय सलाह के बाद ही ऐसी दवाएं उपलब्ध होंगी।
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दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
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