▪️18 साल बाद सहारनपुर में जुटे प्रदेश भर के चिकित्सक
▪️ स्वास्थ्य व्यवस्था और डॉक्टरों की सुरक्षा पर मंथन
▪️ ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं पर हुई व्यापक चर्चा
▪️चिकित्सकों का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा : डॉ. शरद अग्रवाल▪️
▪️यूपी आईएमए स्टेट वर्किंग कमेटी की बैठक में गूंजे चिकित्सकों की सुरक्षा और सम्मान के मुद्दे
▪️ पंजीकरण और एनओसी के नाम पर डॉक्टरों को अनावश्यक परेशान न किया जाए : डॉ. राजीव गोयल
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सहारनपुर ( मेडिकल रिपोर्टर)। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) सहारनपुर शाखा द्वारा दिल्ली रोड स्थित एक होटल के सभागार में यूपी आईएमए स्टेट वर्किंग कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। करीब 18 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद सहारनपुर को इस प्रतिष्ठित राज्य स्तरीय बैठक की मेजबानी का अवसर मिला। बैठक में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए लगभग 150 वरिष्ठ चिकित्सकों, आईएमए पदाधिकारियों और चिकित्सा विशेषज्ञों ने भाग लिया।
बैठक में चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों, चिकित्सकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, सरकारी नीतियों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर गंभीर मंथन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने चिकित्सकों के सम्मान और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया।
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“एनओसी और पंजीकरण प्रक्रियाओं का हो सरलीकरण”
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं यूपी आईएमए के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव गोयल ने कहा कि प्रदेश के चिकित्सक समाज के स्वास्थ्य की रक्षा में दिन-रात जुटे रहते हैं, इसलिए सरकार को भी उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अस्पतालों और क्लीनिकों के लिए पंजीकरण, फायर एनओसी तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से संबंधित एनओसी जैसी प्रक्रियाएं अत्यधिक जटिल हैं। इन प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया जाना चाहिए ताकि चिकित्सक प्रशासनिक औपचारिकताओं में उलझने के बजाय मरीजों की बेहतर सेवा कर सकें।
डॉ. गोयल ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए डॉक्टरों और सरकार के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता है।
डॉक्टरों का उत्पीड़न स्वीकार नहीं : डॉ. शरद अग्रवाल
आईएमए के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं यूपी आईएमए के संरक्षक डॉ. शरद अग्रवाल ने चिकित्सकों के सम्मान और सुरक्षा के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी चिकित्सक का उत्पीड़न किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि किसी डॉक्टर को प्रशासनिक, कानूनी या सामाजिक स्तर पर कोई परेशानी आती है तो आईएमए उसके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी और समस्या के समाधान के लिए हर संभव प्रयास करेगी।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में चिकित्सकों पर बढ़ते दबाव और चुनौतियों के बीच संगठन की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। आईएमए का उद्देश्य केवल चिकित्सकों के हितों की रक्षा करना ही नहीं, बल्कि समाज को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना भी है।
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‘आओ गांव चले’ अभियान से बदल रही ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था
डॉ. शरद अग्रवाल ने आईएमए द्वारा संचालित ‘‘आओ गांव चले’’ अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश में अब तक लगभग 84 गांवों को गोद लिया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि इस अभियान के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता, निःशुल्क चिकित्सा परामर्श, स्वास्थ्य परीक्षण शिविर तथा स्वच्छता संबंधी कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इससे गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ी है और लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी विकसित हुई है।
सरकार चिकित्सकों के साथ खड़ी है : मेयर डॉ. अजय सिंह
विशिष्ट अतिथि एवं सहारनपुर के मेयर डॉ. अजय सिंह ने कार्यक्रम में आईएमए के पूर्व अध्यक्षों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
उन्होंने कहा कि चिकित्सक समाज के लिए अमूल्य सेवा प्रदान करते हैं और सरकार उनके योगदान का सम्मान करती है। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी भी चिकित्सक का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
सहारनपुर शाखा के लिए गौरव का अवसर
आईएमए सहारनपुर शाखा के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण शर्मा ने कहा कि राज्य स्तरीय बैठक की मेजबानी मिलना शाखा के लिए सम्मान और गौरव की बात है।
उन्होंने कहा कि आजकल कुछ असामाजिक तत्व और तथाकथित शिकायतकर्ता धन उगाही के उद्देश्य से चिकित्सकों को परेशान करने का प्रयास करते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि चिकित्सा सेवा प्रभावित न हो।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस बैठक में लिए गए निर्णय चिकित्सकों और स्वास्थ्य व्यवस्था दोनों के लिए लाभकारी सिद्ध होंगे।
सीएमओ ने की आयोजन की सराहना
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार ने आईएमए द्वारा आयोजित बैठक की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के मंच चिकित्सकों को अपने विचार साझा करने और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सामूहिक रणनीति तैयार करने का अवसर प्रदान करते हैं।
सम्मान और स्वागत से हुआ अतिथियों का अभिनंदन
कार्यक्रम सचिव डॉ. मंदीप सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन आईएमए स्टेट सचिव डॉ. आशीष अग्रवाल एवं डॉ. रेणू शर्मा ने संयुक्त रूप से किया।
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बैठक के सफल आयोजन में सचिव डॉ. नीरज आर्य, कोषाध्यक्ष डॉ. अनुपम मलिक, डॉ. कलीम अहमद, डॉ. नरेश नौसरान, डॉ. विकास अग्रवाल, डॉ. डी.के. गुप्ता, डॉ. राहुल सिंह सहित अनेक चिकित्सकों का विशेष योगदान रहा।
ये रहे प्रमुख रूप से उपस्थित
बैठक में आईएमए यूपी स्टेट की कोषाध्यक्ष डॉ. वाणी कपूर, डॉ. आनंद प्रकाश, डॉ. रवीश अग्रवाल, डॉ. मोहन सिंह, डॉ. वी.बी. जिंदल, डॉ. रविंद्र गोयल, डॉ. रवि मेहरा, डॉ. गुरमीत, डॉ. रजनीश दहूजा, डॉ. जयपाल चंद, डॉ. पंकज खन्ना, डॉ. भरत वार्ष्णेय, डॉ. महेश चंद्रा, डॉ. महेश ग्रोवर, डॉ. संदीप गर्ग, डॉ. प्रशांत खन्ना, डॉ. रवि ठक्कर, डॉ. हिमांशु मेहता, डॉ. राजेश शर्मा, डॉ. रविकांत निरंकारी समेत प्रदेश भर से आए अनेक वरिष्ठ चिकित्सक उपस्थित रहे।
विशेष
बैठक में चिकित्सकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण, ग्रामीण स्वास्थ्य जागरूकता, संगठनात्मक मजबूती और चिकित्सा क्षेत्र की चुनौतियों पर गंभीर चर्चा हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजनों से चिकित्सक समुदाय को एक साझा मंच मिलता है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
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