नई दिल्ली, 11 जून 2026
मालदीव में बढ़ते Measles संक्रमण के मामलों के बीच भारत ने पड़ोसी देश को 20,000 Measles Vaccine Doses और लगभग 3 टन चिकित्सा सामग्री की खेप भेजी है। विदेश मंत्रालय के अनुसार यह सहायता मालदीव की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करने और वहां चल रहे टीकाकरण अभियान को समर्थन देने के उद्देश्य से प्रदान की गई है। भारत सरकार का कहना है कि यह समय पर भेजी गई सहायता संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित करने और Vaccine Coverage बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
Measles मामलों में बढ़ोतरी के बीच मिली सहायता
विदेश मंत्रालय के अनुसार मालदीव में हाल के सप्ताहों में Measles के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है, जिसके बाद वहां के स्वास्थ्य अधिकारियों ने संक्रमण की निगरानी और नियंत्रण उपायों को तेज किया है। भारत द्वारा भेजी गई Vaccine Doses और चिकित्सा सामग्री को इसी संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मंत्रालय ने कहा कि यह सहयोग मालदीव की स्वास्थ्य प्रणाली को अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने के साथ-साथ संक्रमण के बढ़ते जोखिम से निपटने में भी मदद करेगा। भारत ने उम्मीद जताई है कि यह सहायता सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करेगी और बीमारी के आगे प्रसार को रोकने में सहायक होगी।
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मालदीव में जारी है टीकाकरण अभियान
मालदीव की Health Protection Agency (HPA) ने 13 मई को देश में Measles के मामलों की पुष्टि के बाद जांच शुरू की थी। स्वास्थ्य अधिकारियों ने संक्रमण के स्रोत और संभावित प्रसार की पहचान के लिए निगरानी अभियान चलाया। इसके साथ ही Measles Vaccination Campaign भी शुरू किया गया ताकि संवेदनशील आबादी को संक्रमण से बचाया जा सके। उपलब्ध जानकारी के अनुसार पिछले सप्ताह चार नए मामलों की पुष्टि हुई, जिसके बाद वर्ष 2026 में दर्ज कुल Measles मामलों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर टीकाकरण इस संक्रमण की रोकथाम का सबसे प्रभावी उपाय है।
‘Neighbourhood First’ नीति के तहत सहयोग
भारत ने कहा कि मालदीव उसकी ‘Neighbourhood First’ नीति और ‘Vision MAHASAGAR’ के तहत विशेष महत्व रखता है। विदेश मंत्रालय के अनुसार दोनों देशों के बीच लंबे समय से घनिष्ठ और बहुआयामी संबंध रहे हैं, जिनमें स्वास्थ्य सहयोग भी एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है। भारत ने दोहराया कि वह क्षेत्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने में अपने पड़ोसी देशों के साथ खड़ा रहने के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्रालय ने इस सहायता को द्विपक्षीय सहयोग और स्वास्थ्य कूटनीति का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया।
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स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत-मालदीव सहयोग लगातार जारी
हाल के वर्षों में भारत ने मालदीव को स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचे और आपदा राहत सहित कई क्षेत्रों में सहायता प्रदान की है। स्वास्थ्य क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार मजबूत हुआ है, जिसमें चिकित्सा आपूर्ति, क्षमता निर्माण और आपातकालीन सहायता शामिल हैं। विदेश मंत्रालय का कहना है कि साझा प्राथमिकताओं के आधार पर दोनों देश भविष्य में भी सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े क्षेत्रों में मिलकर काम करते रहेंगे। भारत ने स्वयं को एक विश्वसनीय “First Responder” बताते हुए आवश्यकता के समय अपने पड़ोसी देशों की सहायता जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
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