नई दिल्ली, 11 जून 2026
केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा है कि सरकार की ‘BioPharma Shakti’ पहल के तहत वर्ष 2047 तक 100 नए Biologics लॉन्च करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से विकसित हो रहे Biopharmaceutical क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की क्षमता रखता है और यह पहल विकसित भारत तथा स्वस्थ भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। नई दिल्ली में आयोजित Second Pharma Summit and Awards 2026 को संबोधित करते हुए उन्होंने Biologics, Biosimilars और Advanced Therapeutics के क्षेत्र में निवेश एवं Innovation को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
Biopharmaceuticals को बताया स्वास्थ्य सेवाओं का भविष्य
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अनुप्रिया पटेल ने कहा कि Biopharmaceuticals आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के भविष्य को आकार देने वाले प्रमुख क्षेत्रों में से एक हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने Pharmaceutical Manufacturing में मजबूत पहचान बनाई है, लेकिन अब देश को अगली पीढ़ी की दवाओं और उन्नत उपचार तकनीकों की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने की आवश्यकता है। केंद्रीय मंत्री के अनुसार सरकार Manufacturing Infrastructure, Regulatory Framework, Clinical Research और Innovation Ecosystem को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है, ताकि भारत वैश्विक BioPharma उद्योग में अपनी प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति को और मजबूत कर सके।
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Biologics की बढ़ती मांग ने खोले नए अवसर
अनुप्रिया पटेल ने कहा कि वैश्विक स्तर पर Biologics आधारित दवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। अनुमान है कि वर्ष 2031 तक Prescription Drug Market में Biologics की हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। उन्होंने कहा कि भारत को Generic Medicines में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखने के साथ-साथ Biologics और Biosimilars के विकास पर भी विशेष ध्यान देना होगा। उनके अनुसार यह क्षेत्र न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद करेगा, बल्कि देश के Pharmaceutical Export और Research Capabilities को भी नई दिशा देगा।
Innovation और Research को मिल रहा सरकारी समर्थन
केंद्रीय मंत्री ने उद्योग जगत से Biologics और Biosimilars के क्षेत्र में निवेश बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि Biotechnology Industry Research Assistance Council (BIRAC) की विभिन्न योजनाएं, जिनमें Biotech Ignition Grant, SBIRI और BIPP शामिल हैं, नई तकनीकों और उद्योग आधारित अनुसंधान को बढ़ावा दे रही हैं। इसके अलावा PRIP योजना और National Biopharma Mission जैसी पहलें देश में Advanced Medical Technologies के विकास के लिए मजबूत आधार तैयार कर रही हैं। सरकार का उद्देश्य अनुसंधान संस्थानों, स्टार्टअप्स और उद्योगों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना है ताकि नई चिकित्सा तकनीकों का तेजी से विकास हो सके।
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भारत को Global BioPharma Hub बनाने पर फोकस
कार्यक्रम में Pharmaceuticals Department के सचिव मनोज जोशी ने कहा कि भारत को Drug Discovery, Clinical Research, Innovation और Supply Chain क्षमताओं को और मजबूत बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि BioPharma Shakti पहल भारत को High-Quality Biologics और Biosimilars के विकास तथा उत्पादन का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। समारोह के दौरान अनुप्रिया पटेल ने Pharmaceutical Sector में उत्कृष्ट योगदान देने वाली कंपनियों और संस्थानों को Pharma Excellence Awards भी प्रदान किए। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अनुसंधान, विनिर्माण और नियामक क्षमताओं को समान गति से आगे बढ़ाया गया तो भारत आने वाले वर्षों में वैश्विक BioPharma उद्योग में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
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