नई दिल्ली | 9 जून 2026
Heart Attack और Panic Attack के कई लक्षण एक-दूसरे से मिलते-जुलते हो सकते हैं। अचानक सीने में जकड़न, तेज धड़कन, सांस लेने में कठिनाई और पसीना आना जैसी स्थितियां लोगों को भ्रमित कर सकती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इन दोनों स्थितियों के बीच अंतर समझना बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि गलत पहचान गंभीर परिणामों का कारण बन सकती है।
Heart Attack और Panic Attack में भ्रम क्यों होता है?
मानव शरीर तनाव और शारीरिक खतरे दोनों स्थितियों में समान प्रतिक्रिया दे सकता है। जब व्यक्ति अत्यधिक चिंता या डर महसूस करता है, तो शरीर में Adrenaline का स्तर बढ़ जाता है, जिससे दिल की धड़कन तेज हो सकती है, सांस फूल सकती है और सीने में दबाव महसूस हो सकता है। यही लक्षण Heart Attack के दौरान भी दिखाई दे सकते हैं, इसलिए कई बार लोगों के लिए दोनों स्थितियों के बीच अंतर कर पाना कठिन हो जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, केवल लक्षणों के आधार पर निष्कर्ष निकालना जोखिम भरा हो सकता है और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत चिकित्सा जांच करानी चाहिए।
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कौन से संकेत Heart Attack की ओर इशारा करते हैं?
विशेषज्ञों के अनुसार Heart Attack के दौरान दर्द अक्सर केवल छाती तक सीमित नहीं रहता। यह बाएं हाथ, कंधे, गर्दन, जबड़े या पीठ तक फैल सकता है। शारीरिक गतिविधि जैसे चलना, सीढ़ियां चढ़ना या वजन उठाने पर दर्द बढ़ना भी गंभीर संकेत माना जाता है। इसके अलावा अचानक ठंडा पसीना आना, मतली, उल्टी, अत्यधिक कमजोरी और सांस लेने में परेशानी जैसी स्थितियां भी Heart Attack से जुड़ी हो सकती हैं। महिलाओं में कई बार जबड़े का दर्द, पीठ में दबाव या सांस फूलना जैसे अपेक्षाकृत अलग लक्षण दिखाई देते हैं, जिससे गलत निदान की संभावना बढ़ जाती है।
Panic Attack की पहचान कैसे की जा सकती है?
Panic Attack आमतौर पर शरीर की Anxiety Response से जुड़ा होता है और यह हृदय की मांसपेशियों को नुकसान नहीं पहुंचाता। इस दौरान व्यक्ति को अचानक तीव्र भय, नियंत्रण खोने का एहसास, चक्कर आना, हाथ-पैर या चेहरे के आसपास झुनझुनी महसूस होना और तेज सांसें चलना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। Hyperventilation के कारण रक्त में Carbon Dioxide का स्तर कम होने से चक्कर और झुनझुनी की शिकायत बढ़ सकती है। अधिकांश मामलों में Panic Attack के लक्षण कुछ मिनटों से लेकर लगभग 30 मिनट के भीतर कम होने लगते हैं, जबकि Heart Attack के लक्षण लगातार बने रह सकते हैं या समय के साथ गंभीर हो सकते हैं।
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कब तुरंत Emergency Medical Help लेनी चाहिए?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि यदि सीने में दबाव या दर्द 15 मिनट से अधिक समय तक बना रहे, दर्द हाथ या जबड़े तक फैल रहा हो, सांस लेने में गंभीर कठिनाई हो रही हो या शारीरिक गतिविधि के साथ लक्षण बढ़ रहे हों, तो इसे संभावित Heart Attack मानकर तत्काल Emergency Medical Help लेनी चाहिए। उच्च रक्तचाप, Diabetes, High Cholesterol, बढ़ती उम्र या परिवार में हृदय रोग का इतिहास रखने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि Heart Attack की स्थिति में समय पर इलाज दिल की मांसपेशियों को नुकसान से बचाने और जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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