नई दिल्ली, 4 जून 2026
देशभर में MBBS इंटर्न्स और रेजिडेंट डॉक्टरों को स्टाइपेंड भुगतान को लेकर चल रहे विवाद के बीच National Medical Commission (NMC) ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि 756 मेडिकल कॉलेजों में से केवल 7 संस्थान ऐसे पाए गए हैं जो इंटर्न्स, जूनियर रेजिडेंट्स और सीनियर रेजिडेंट्स को स्टाइपेंड का भुगतान नहीं कर रहे हैं। इन संस्थानों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सुप्रीम कोर्ट में NMC का हलफनामा
यह मामला MBBS इंटर्न्स और PG रेजिडेंट डॉक्टरों को स्टाइपेंड नहीं मिलने से संबंधित याचिकाओं की सुनवाई के दौरान सामने आया। सुप्रीम कोर्ट की पीठ, जिसमें जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पी.बी. वराले शामिल थे, को NMC की ओर से बताया गया कि 756 अंडरग्रेजुएट मेडिकल कॉलेजों में से 573 संस्थानों में स्टाइपेंड भुगतान को लेकर कोई विवाद नहीं है, जबकि 176 मेडिकल कॉलेज हाल के वर्षों में स्थापित हुए हैं।
7 कॉलेजों को जारी किए गए Notice
NMC ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 7 मेडिकल कॉलेज स्टाइपेंड नहीं दे रहे हैं। हालांकि आयोग ने अदालत में इन संस्थानों के नाम सार्वजनिक नहीं किए। मार्च 2026 में स्टाइपेंड संबंधी जानकारी साझा न करने पर जिन 7 कॉलेजों पर NMC ने कार्रवाई की थी, उनमें Akash Institute of Medical Sciences & Research Centre, Dumka Medical College, Government Medical College Barmer, Government Medical College Ongole, RKDF Medical College, Prasad Institute of Medical Sciences और Pt. B.D. Sharma PGIMS शामिल थे।
![]()
पहले भी उठ चुके हैं सवाल
स्टाइपेंड भुगतान का मुद्दा पिछले कई वर्षों से सुप्रीम कोर्ट के समक्ष लंबित है। याचिकाकर्ताओं का दावा रहा है कि बड़ी संख्या में मेडिकल कॉलेज या तो स्टाइपेंड नहीं देते या निर्धारित राशि से कम भुगतान करते हैं। इसी मामले में सुप्रीम कोर्ट पहले भी NMC की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा चुका है और आयोग से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा था।
पारदर्शिता बढ़ाने के लिए NMC के निर्देश
जुलाई 2025 में NMC ने सभी मेडिकल कॉलेजों को निर्देश दिया था कि वे MBBS इंटर्न्स और PG रेजिडेंट्स को दिए जाने वाले स्टाइपेंड का विवरण अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक करें। आयोग का कहना है कि यह कदम पारदर्शिता सुनिश्चित करने और नियमों के अनुपालन की निगरानी के लिए उठाया गया था।
अगली सुनवाई अगस्त में
सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें रिकॉर्ड पर लेते हुए मामले की अगली सुनवाई अगस्त 2026 में निर्धारित की है। अदालत अब यह देखेगी कि NMC द्वारा शुरू की गई कार्रवाई का क्या परिणाम निकलता है और संबंधित मेडिकल कॉलेज नियमों का पालन करते हैं या नहीं।
Discussion about this post