तिरुवनंतपुरम, 18 मई
केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित श्री चित्रा तिरुनल Institute for Medical Sciences and Technology (SCTIMST) के 42वें Annual Convocation Ceremony का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) Jitendra Singh ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। इस दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव Punya Salila Srivastava मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं।
समारोह में कुल 130 छात्रों को DM, MCh, PhD, Master of Public Health, PG Diploma और अन्य मेडिकल व रिसर्च प्रोग्राम्स की डिग्रियां प्रदान की गईं। कार्यक्रम में संस्थान का Golden Jubilee Logo और विशेष गीत भी जारी किया गया।
स्वदेशी Medical Devices Innovation पर जोर
अपने संबोधन में डॉ. जितेंद्र सिंह ने SCTIMST की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान विश्वस्तरीय और किफायती Medical Devices विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि संस्थान द्वारा विकसित कई Technologies हर वर्ष Industry को Transfer की जाती हैं और इस वर्ष भी सात नई Technologies उद्योगों को सौंपी जाएंगी।
उन्होंने कहा कि संस्थान का फोकस Indigenous और Affordable Medical Equipment तैयार करने पर है, जिससे देश की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिल रही है।
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PMSSY Block और नई सुविधाओं का उल्लेख
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि लगभग 800 स्थायी Faculty Positions की मंजूरी से संस्थान की कार्यक्षमता दोगुनी होने की उम्मीद है। उन्होंने प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (PMSSY) के तहत नौ मंजिला ब्लॉक और चार मंजिला Service Block के निर्माण का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि नई सुविधाओं के शुरू होने के बाद SCTIMST देश के सबसे बड़े Neurosurgery और Cardiology Centers में शामिल हो जाएगा।
Ayushman Bharat के तहत 17 हजार से ज्यादा मरीजों का इलाज
डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि वर्ष 2020 से अब तक संस्थान में Ayushman Bharat Scheme के तहत 17,000 से अधिक मरीजों का इलाज किया जा चुका है। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा Malini Vasundhara Centre की आधारशिला रखे जाने का उल्लेख करते हुए इसे न्यूरोलॉजिकल और कैंसर उपचार के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि बताया।
आठ संस्थानों के बीच Research Collaboration
केंद्रीय मंत्री ने आठ राष्ट्रीय संस्थानों के बीच हुए MoU को एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि इससे Collaborative Research System को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस तरह की साझेदारियां Interdisciplinary Innovation को मजबूत करेंगी और देश की वैज्ञानिक क्षमता को आगे बढ़ाएंगी।
उन्होंने ISRO और SCTIMST के बीच Space Medicine क्षेत्र में हो रहे सहयोग की भी सराहना की और कहा कि यह पहल आने वाले वर्षों में Research और Clinical Practice के नए अवसर पैदा करेगी।
स्वास्थ्य सचिव ने Digital Health Integration पर दिया जोर
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में Ayushman Bharat Mission और Digital Health Infrastructure पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य Continuum of Care सुनिश्चित करना है ताकि नागरिकों को लंबी और स्वस्थ जिंदगी मिल सके।
उन्होंने बताया कि Ayushman Bharat Digital Mission के तहत ABHA Account System तैयार किया गया है, जिससे नागरिक अपने Digital Health Records को सुरक्षित तरीके से Access और Share कर सकते हैं।
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Non-Communicable Diseases की Screening पर फोकस
उन्होंने कहा कि National Health Policy 2017 के तहत Preventive Healthcare, Early Screening और Non-Communicable Diseases की पहचान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने से Heart Disease, Neurological Disorders और अन्य गंभीर बीमारियों का बोझ कम किया जा सकता है। उन्होंने Mental Health, Elderly Care और Palliative Care को भी स्वास्थ्य सेवाओं का अहम हिस्सा बताया।
AI और Healthcare Technology का जिक्र
पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने Healthcare Sector में Artificial Intelligence (AI) के बढ़ते उपयोग का उल्लेख करते हुए IIT Kanpur के सहयोग से तैयार AI Strategy का जिक्र किया। उन्होंने National Health Authority द्वारा विकसित Open Data Platform ‘Bhashini’ का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि सरकार Medical Devices और Generic Medicines के लिए Regulatory Reforms पर काम कर रही है ताकि Research और Innovation को बढ़ावा मिल सके।
छात्रों को Ethics और Compassion बनाए रखने की सलाह
स्वास्थ्य सचिव ने छात्रों से अपने पेशेवर जीवन में Ethics, Compassion और Scientific Excellence बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि Healthcare Sector में Engineers और Doctors के बीच सहयोग Innovation के लिए बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि तेजी से बदलती Technology के दौर में Continuous Learning बेहद महत्वपूर्ण है और मरीजों के साथ सहानुभूति स्वास्थ्य सेवाओं का अहम हिस्सा होनी चाहिए।
130 छात्रों को मिली विभिन्न डिग्रियां
दीक्षांत समारोह में Cardiology, Neurology, Neurosurgery, Cardiovascular Surgery, Public Health, Neuro-Anesthesia और अन्य विशेष मेडिकल क्षेत्रों के छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गईं।
समारोह में Krishna M. Ella विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इसके अलावा Kris Gopalakrishnan और Sanjay Behari सहित संस्थान के कई वरिष्ठ अधिकारी, Faculty Members और छात्रों के अभिभावक भी मौजूद रहे।
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